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NCERT Ayurveda: शिक्षा में बड़ा बदलाव, NCERT में पढ़ाया जाएगा आयुर्वेद, छात्र सीखेंगे हर्बल साइंस के सिद्धांत

NCERT Ayurveda: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। अब कक्षा 6 से 8 तक की विज्ञान किताबों में आयुर्वेद पर आधारित नए अध्याय जोड़े गए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं और प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान से परिचित कराना है।

आयुर्वेद का समावेश

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद NCERT ने विज्ञान पाठ्यक्रम में आयुर्वेद को शामिल किया है। कक्षा 6 से 8 के छात्रों को अब जड़ी-बूटियों, आयुर्वेदिक उपचार और प्राकृतिक चिकित्सा की मूल बातें पढ़ाई जाएँगी। यह कदम न केवल छात्रों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें पारंपरिक भारतीय ज्ञान और विज्ञान के महत्व से भी परिचित कराएगा।

कक्षा 6 से 8 में नया पाठ्यक्रम

  • कक्षा 6 की साइंस किताब ‘Curiosity’: इसमें आयुर्वेद के अनुसार पदार्थों के वर्गीकरण और उनके प्राकृतिक गुणों को समझाया गया है। यह अध्याय छात्रों को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से पदार्थों के उपयोग और उनके वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराता है।

  • कक्षा 8 की साइंस किताब ‘Curiosity’: तीसरे अध्याय में आयुर्वेद की अवधारणा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें बताया गया है कि आयुर्वेद शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित है। छात्र सीखेंगे कि स्वास्थ्य केवल शरीर की देखभाल नहीं बल्कि मानसिक और पर्यावरणीय संतुलन से भी जुड़ा है।

छात्रों के लिए फायदे

NCERT द्वारा आयुर्वेद को पाठ्यक्रम में शामिल करने का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से छात्र:

  1. प्राकृतिक चिकित्सा और जड़ी-बूटियों के महत्व को समझेंगे।

  2. आयुर्वेदिक ज्ञान के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सीखेंगे।

  3. भारतीय पारंपरिक विज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंध को समझ पाएंगे।

  4. पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के महत्व को जानेंगे।

सरकार और NCERT का दृष्टिकोण

शिक्षा मंत्रालय और NCERT का मानना है कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को स्कूल स्तर पर पढ़ाना छात्रों में स्वास्थ्य, विज्ञान और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा। यह कदम देश की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को न केवल संरक्षित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाएगा।

NCERT का यह नया पाठ्यक्रम छात्रों के लिए एक इनोवेटिव और ज्ञानवर्धक कदम है। आयुर्वेद के गुर सीखकर छात्र न केवल अपनी सेहत का ख्याल रख सकेंगे, बल्कि भारतीय पारंपरिक विज्ञान की समृद्ध विरासत से भी परिचित होंगे। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक उपचार और शरीर-मन-संतुलन के बारे में ज्ञान हासिल करना अब स्कूल की शिक्षा का हिस्सा बन गया है।

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