Ambikapur News : शहर की सड़कों पर गड्ढे और धूल अब किसी आमजन की समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि नेताओं के स्वागत का हिस्सा बन गए हैं। विधायक से मंत्री बने राजेश अग्रवाल के प्रथम अंबिकापुर आगमन से पहले अफसरों की नींद टूटी और अचानक शहर की टूटी-फूटी सड़कों पर मरम्मत अभियान की झाड़ू चल पड़ी।

लेकिन दिलचस्प यह है कि देवीगंज रोड समेत जिन रास्तों पर मंत्री जी का काफिला गुजरेगा, वहां गड्ढों को पाटने का काम शुरू हुआ। अब सवाल यह है कि इन गड्ढों में आखिर भरा क्या जा रहा है? क्योंकि जो भी भरा जा रहा है, वह थोड़ी सी धूप और बारिश देखकर फिर हवा में उड़कर नागरिकों की सांसों में समा जाएगा। यानी जनता के लिए बाद में ‘स्वागत धूल’ का इंतजाम पक्का है।

शहर के भीतर की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक हर जगह खस्ताहाल सड़कें जनता को परेशान कर रही हैं। बरसों से मरम्मत की राह देखती ये सड़कें अचानक तभी याद आती हैं जब कोई बड़ा नेता, मंत्री या अफसर गुजरने वाला हो। आम दिनों में इन गड्ढों से लोग अपने वाहन और हड्डियां दोनों बचाते हैं, लेकिन नेताओं के आगमन पर यही गड्ढे ‘VIP ट्रीटमेंट’ पाते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब फूल-मालाओं से नेताओं का स्वागत हो सकता है तो क्यों न एक बार शहर की सच्चाई से स्वागत किया जाए—धूल, कीचड़ और खस्ताहाल सड़कों से। आखिर यही तो असली विकास का आईना है।
फिलहाल अंबिकापुर की जनता आशावान है। मंत्री जी का काफिला जिन रास्तों से गुजरेगा, वहां कुछ दिन के लिए सड़कें थोड़ा ‘फ्रेश लुक’ में दिखेंगी। उम्मीद तो यही है कि मंत्री पद की शपथ के साथ-साथ शहर की टूटी सड़कों को भी नई जिंदगी मिले। वरना धूल और गड्ढों से स्वागत की परंपरा अब आधिकारिक ‘नगर संस्कृति’ बन ही जाएगी।










