RG Kar Case : आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक साल पहले हुई ट्रेनी डॉक्टर ‘अभया’ के साथ रेप और हत्या की घटना के खिलाफ न्याय की मांग फिर तेज हो गई है। शुक्रवार को इस घटना की पहली बरसी पर बीजेपी और डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से कोलकाता में ‘नबन्ना अभियान’ रैली निकाली। रैली का नेतृत्व बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल ने किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर ‘सबूत मिटाने’ और न्याय में देरी के गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान रैली को रोकने के लिए कोलकाता पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए, जिन्हें हटाने की कोशिश करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं।
पिछले साल आरजी कर हॉस्पिटल में एक ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया था। पीड़िता को प्रतीकात्मक रूप से ‘अभया’ नाम दिया गया था। इस मामले में अब तक जांच में खास प्रगति नहीं दिखी है, जिससे डॉक्टर समुदाय और विपक्षी दलों में नाराजगी बनी हुई है।
रैली में शामिल बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “एक साल हो गया है, लेकिन ‘अभया’ को अब तक न्याय नहीं मिला। ममता बनर्जी की सरकार ने सारे सबूत मिटा दिए। हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं। यह रैली केवल न्याय की मांग नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की नाकामी के खिलाफ जन आंदोलन है।”
पॉल ने यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महिला डॉक्टर तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह संवेदनशील मामलों को दबाने और जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है।
रैली में बड़ी संख्या में डॉक्टर भी शामिल हुए। वे हाथों में ‘Justice for Abhaya’ की तख्तियां लिए नजर आए। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि जिस तरह से ‘अभया’ के केस को हैंडल किया गया, वह न सिर्फ महिला सुरक्षा पर सवाल है, बल्कि मेडिकल प्रोफेशन की गरिमा के लिए भी एक गंभीर खतरा है।
प्रशासन ने ‘नबन्ना अभियान’ रैली को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए थे। कोलकाता पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए और प्रदर्शनकारियों को नबन्ना (राज्य सचिवालय) की ओर बढ़ने से रोका गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कई जगह धक्का-मुक्की और हल्की झड़पें भी हुईं।
बीजेपी नेताओं ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। डॉक्टर संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि अगर ‘अभया’ केस में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। आरजी कर हॉस्पिटल की ट्रेनी डॉक्टर ‘अभया’ के साथ हुए जघन्य अपराध को एक साल हो चुका है, लेकिन न्याय अब तक अधूरा है। नबन्ना अभियान रैली के ज़रिए बीजेपी और डॉक्टर समुदाय ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में लाने की कोशिश की है। अब देखना यह है कि क्या ममता बनर्जी सरकार इस जनदबाव के बीच कोई ठोस कदम उठाती है या यह मामला यूं ही न्याय की प्रतीक्षा करता रहेगा।
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