Abhijeet Deepke: ‘हमारे पास महात्मा गांधी हैं’, विदेशी प्रदर्शनों से तुलना पर दिया जवाब

Abhijeet Deepke: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्रों के आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और संगठन के भविष्य को लेकर कई अहम बातें कहीं। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शिक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए।

ads

बांग्लादेश और नेपाल से तुलना को बताया गलत

अभिजीत दिपके ने दिल्ली में परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में हुए छात्र आंदोलन की तुलना बांग्लादेश और नेपाल के आंदोलनों से किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की तुलना आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास है। उनके अनुसार भारत का लोकतांत्रिक आंदोलन महात्मा गांधी की अहिंसक विचारधारा से प्रेरित है और भारतीय छात्रों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को किसी दूसरे देश से प्रेरणा लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारत के पास अहिंसक संघर्ष की समृद्ध विरासत मौजूद है।

Adst

महात्मा गांधी की विरासत का किया उल्लेख

दिपके ने कहा कि भारत ने दुनिया को महात्मा गांधी जैसा नेतृत्व दिया है, जिनके सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांत आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों में भी प्रदर्शनकारियों ने संयम बनाए रखा और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं। उनके अनुसार छात्रों ने किसी प्रकार की हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन ही किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होता है।

शिक्षा को हर चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाने की मांग

कॉजपा संस्थापक ने कहा कि देश के प्रत्येक चुनाव में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि राजनीतिक दल शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देते हैं, तो इसका अर्थ है कि वे देश के भविष्य की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को किसी भी राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर अधिक निवेश किया जाना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा केवल डिग्री या अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं के समग्र विकास का माध्यम बननी चाहिए।

नीट अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग

अभिजीत दिपके ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए जल्द सहायता और मुआवजे की मांग की, जिन्होंने कथित रूप से परीक्षा संबंधी परिस्थितियों के बीच अपने परिजनों को खोया। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लंबित मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगा।

Adst

छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील

दिपके ने युवाओं और विशेष रूप से नई पीढ़ी से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में संयम बनाए रखें और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उनके अनुसार छात्रों और युवाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते समय शांति और अनुशासन का परिचय देना चाहिए, ताकि उनकी बात अधिक प्रभावी ढंग से समाज और सरकार तक पहुंच सके।

झारखंड के छात्रों के आंदोलन का समर्थन

उन्होंने झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और लोक सेवा आयोग से जुड़े मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का भी समर्थन किया। दिपके ने कहा कि यदि छात्र निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं, तो यह लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि संगठन ऐसे सभी आंदोलनों के साथ खड़ा रहेगा, जिनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा सुधार सुनिश्चित करना है।

कॉजपा के विस्तार की बनाई जा रही रणनीति

अभिजीत दिपके ने बताया कि संगठन के विस्तार को लेकर जल्द ही एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी। उनके अनुसार हाल के छात्र आंदोलनों के बाद संगठन के प्रति लोगों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों के साथ मिलकर आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक विस्तार की रूपरेखा तैयार की जाएगी, ताकि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर दिया जोर

दिपके ने भारतीय और विदेशी शिक्षा प्रणालियों की तुलना करते हुए कहा कि कई देशों में शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर अधिक ध्यान दिया जाता है। उनका मानना है कि भारत में भी शिक्षा को अधिक व्यवहारिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी देश के दीर्घकालिक विकास और सक्षम नागरिकों के निर्माण की आधारशिला होती है।

Read More: Bankipur Bypoll Result: प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बीजेपी का अभेद्य किला ढहा

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.