Abhishek Banerjee Office Row : कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट इलाके में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के स्थानीय कार्यालय के ऊपर लगे एक होर्डिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। कोलकाता नगर निगम यानी KMC के अधिकारियों का कहना है कि कार्यालय के ऊपर लगाया गया तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न वाला होर्डिंग कथित तौर पर अवैध है। इसी होर्डिंग को हटाने के लिए नगर निगम की टीम पुलिस के साथ कार्यालय पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान सांसद अभिषेक बनर्जी और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस होने की बात सामने आई है।
पुलिस और निगम टीम को अंदर जाने से रोकने का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, जब पुलिस और KMC की टीम होर्डिंग हटाने के लिए कार्यालय परिसर में पहुंची, तब अभिषेक बनर्जी के निजी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई। नगर निगम का कहना है कि होर्डिंग हटाने की कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की जा रही थी, जबकि TMC की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए गए हैं।
TMC ने नोटिस की वैधता पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारियों ने होर्डिंग हटाने से संबंधित उचित और वैध नोटिस पेश नहीं किया। पार्टी का दावा है कि इसके बावजूद अधिकारी जबरन कार्यालय परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। TMC नेताओं ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी परिसर में प्रवेश करने से पहले संबंधित प्रक्रिया और दस्तावेजों का पालन किया जाना चाहिए था। पार्टी ने नगर निगम की कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से भी देखा है।
अभिषेक बनर्जी ने कार्रवाई को बताया मनमाना
अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर नगर निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे मनमाना बताते हुए सवाल किया कि यदि कार्यालय पर लगा होर्डिंग नियमों के खिलाफ था तो कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन आसपास की इमारतों पर लगे अन्य निजी होर्डिंग के खिलाफ समान कदम क्यों नहीं उठाया गया। उनके मुताबिक, कार्रवाई में एकरूपता होनी चाहिए और किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को चुनिंदा तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
डेरेक ओ’ब्रायन ने लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और KMC पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोपहर करीब 3:30 बजे नगर निगम के अधिकारी पुलिस बल के साथ कार्यालय पहुंचे थे। डेरेक ओ’ब्रायन के मुताबिक, अधिकारियों के पास जो नोटिस था, उस पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि नोटिस में एक तस्वीर का उल्लेख था, लेकिन मौके पर ऐसी कोई तस्वीर मौजूद नहीं थी।
डेढ़ घंटे तक बातचीत का दावा
डेरेक ओ’ब्रायन ने बताया कि पार्टी की ओर से अधिकारियों को समझाने की कोशिश करीब डेढ़ घंटे तक की गई। उनका आरोप है कि बातचीत से मामला सुलझाने के प्रयास के बावजूद पुलिस और निगम की टीम ने बाद में इमारत में प्रवेश किया। उन्होंने इस प्रवेश को कथित तौर पर अवैध बताया। हालांकि, नगर निगम अधिकारियों की ओर से कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया गया है और दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है।
150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के पहुंचने का दावा
डेरेक ओ’ब्रायन ने दावा किया कि 150 से अधिक पुलिसकर्मी इमारत के अंदर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीढ़ियों पर पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। उनके अनुसार, उस समय अभिषेक बनर्जी स्वयं कार्यालय में मौजूद थे। TMC नेता ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने पार्टी के करीब 10 से 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
कार्रवाई को लेकर बढ़ा राजनीतिक तनाव
होर्डिंग हटाने की कार्रवाई ने कोलकाता में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। एक तरफ KMC अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की जा रही थी, वहीं TMC नेताओं ने प्रक्रिया और नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है। फिलहाल घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।
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