Rajpal Yadav Surrender
Rajpal Yadav Surrender: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें अब चरम पर पहुँच गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को एक बेहद कड़ा फैसला सुनाते हुए अभिनेता को जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है। 54 वर्षीय अभिनेता को चेक बाउंस के एक पुराने मामले में अदालती कार्यवाही की अवहेलना करने का दोषी माना गया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राजपाल यादव के पास बचने के रास्ते लगभग बंद हो गए हैं और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना ही होगा।
यह पूरा विवाद दिल्ली की एक कंपनी ‘मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि राजपाल यादव की कंपनी ने फिल्म निर्माण के उद्देश्य से इस कंपनी से एक बड़ी राशि उधार ली थी। भुगतान के लिए जो चेक दिए गए, वे बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद मामला अदालत पहुँचा और ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ की धारा 138 के तहत उन पर केस दर्ज किया गया। लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई में अब कोर्ट ने उनके टालमटोल वाले रवैये पर नाराजगी जाहिर की है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण की तीखी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि अभिनेता का व्यवहार “निंदनीय” है। जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि शिकायतकर्ता कंपनी के प्रति राजपाल ने बार-बार भुगतान के वादे किए, लेकिन उन्हें कभी पूरा नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें पर्याप्त मौके दिए गए और उनके प्रति बहुत अधिक सहनशीलता दिखाई गई, लेकिन उन्होंने इसका दुरुपयोग किया। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताया, जहाँ एक सार्वजनिक व्यक्तित्व होने के बावजूद उन्होंने कानून का सम्मान नहीं किया।
मामले के विवरण के अनुसार, जून 2024 में एक कोऑर्डिनेट बेंच ने उनकी सजा पर रोक लगाते हुए मामले को आपसी समझौते (मीडिएशन) के लिए भेजा था। तब राजपाल ने वादा किया था कि वह 2.5 करोड़ रुपये की राशि किस्तों में चुकाएंगे। उन्होंने 40 लाख और 2.10 करोड़ रुपये जमा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, मीडिएशन और कोर्ट द्वारा दी गई नई तारीखों के बाद भी वह एक रुपया जमा करने में विफल रहे। जस्टिस शर्मा ने नोट किया कि राजपाल ने न तो रजिस्ट्रार जनरल के पास डिमांड ड्राफ्ट जमा किया और न ही अपनी गलतियों को सुधारने का कोई आवेदन दिया।
राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि अभिनेता को मुंबई में कुछ जरूरी काम पूरे करने हैं, इसलिए उन्हें थोड़ी मोहलत दी जाए। इस पर कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी, 2026 की शाम 4:00 बजे तक संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का अंतिम समय दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई छह महीने की साधारण कैद की सजा काटनी होगी। जेल नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी के लिए तय की गई है।
राजपाल यादव का यह मामला मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ी सीख है कि सेलिब्रिटी स्टेटस कानून से ऊपर नहीं है। बार-बार की गई वादाखिलाफी ने अंततः उन्हें जेल की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। अब यह देखना होगा कि क्या अभिनेता अंतिम समय में कोई चमत्कारिक समाधान निकाल पाते हैं या फिर कल शाम उन्हें सलाखों के पीछे रात बितानी होगी।
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