कारोबार

Adani Power: विदर्भ इंडस्ट्रीज अब अदाणी की! 600 MW के प्लांट पर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Adani Power: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा उलटफेर करते हुए, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (NCLAT) ने अदाणी पावर लिमिटेड के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह द्वारा दी गई ₹4,000 करोड़ की बोली को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ ही पिछले काफी समय से चल रही कानूनी अड़चनें अब समाप्त हो गई हैं। NCLAT ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया संवैधानिक है और दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के सभी नियमों का अक्षरशः पालन करती है।

कानूनी चुनौती और NCLAT का ऐतिहासिक फैसला

यह मामला तब तूल पकड़ा जब मुंबई स्थित NCLT ने विदर्भ इंडस्ट्रीज के लिए अदाणी की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इस आदेश के खिलाफ वेस्टर्न कोलफील्ड्स और विदर्भ इंडस्ट्रीज के एक कर्मचारी प्रदीप सोत ने अपील दायर की थी। हालांकि, जस्टिस की दो सदस्यीय पीठ ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए माना कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि समाधान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया गया है, जिससे अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

लेनदारों की समिति (CoC) की भूमिका और निर्णय

अपीलीय न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में लेनदारों की समिति (CoC) के निर्णय को सर्वोपरि माना। कोर्ट ने कहा कि CoC ने अपनी व्यावसायिक बुद्धिमत्ता (Commercial Wisdom) का परिचय देते हुए पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अदाणी पावर की योजना को स्वीकार किया है। ट्रिब्यूनल ने कहा, “अदाणी पावर की योजना सभी वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करती है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप करने का कोई वैध कारण मौजूद नहीं है।” यह टिप्पणी भविष्य के अधिग्रहण मामलों के लिए भी एक बड़ी मिसाल साबित होगी।

समय सीमा और तकनीकी आपत्तियों का खंडन

सुनवाई के दौरान वेस्टर्न कोलफील्ड्स की ओर से तर्क दिया गया था कि CoC ने 180 दिनों की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद योजना को मंजूरी दी, जो तकनीकी रूप से गलत है। हालांकि, अदाणी पावर के कानूनी प्रतिनिधियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने दलील दी कि पूरी प्रक्रिया IBC की धारा 30(2) के दायरे में संपन्न हुई है। कोर्ट ने भी माना कि प्रक्रिया में कोई देरी नहीं हुई थी और इसे पहले ही संवैधानिक मंजूरी मिल चुकी थी, जिससे विपक्षी दलों के तर्क निराधार साबित हुए।

अदाणी पावर की क्षमता और भविष्य की योजनाएं

विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर का यह अधिग्रहण अदाणी पावर के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में उसकी बाजार हिस्सेदारी भी मजबूत होगी। ₹4,000 करोड़ का यह निवेश अदाणी समूह के ऊर्जा पोर्टफोलियो को और विस्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, विदर्भ इंडस्ट्रीज की रुकी हुई इकाइयों को पुनर्जीवित करने और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

Read More: Saharanpur Horror: सामूहिक आत्महत्या या सोची-समझी हत्या? सहारनपुर की 5 मौतों ने पुलिस को उलझाया

Thetarget365

Recent Posts

Lockdown in India 2026 : भारत में लॉकडाउन की खबरों पर विराम, हरदीप पुरी ने अफवाहों को बताया आधारहीन

Lockdown in India 2026 : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी गहराते संघर्ष ने पूरी…

2 hours ago

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में लौटी रौनक, मामूली रिकवरी के बाद क्या निवेश का है सही समय?

Gold Silver Price Today:  भारतीय वायदा बाजार (MCX) में शुक्रवार, 27 मार्च 2026 की सुबह…

3 hours ago

Gwalior Road Accident : तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ऑटो को मारी टक्कर, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत; मंदिर से लौट रहे थे सभी

Gwalior Road Accident : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने…

3 hours ago

J&K Assembly Chaos : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भारी हंगामा, इजरायल विरोधी नारे और खामेनेई के पोस्टर लहराए

J&K Assembly Chaos :  जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार, 27 मार्च को…

3 hours ago

This website uses cookies.