Adolf Hitler Uunona
Adolf Hitler Uunona: जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर का नाम इतिहास में नफरत और तानाशाही के प्रतीक के तौर पर दर्ज है। नाजी पार्टी के मुखिया हिटलर ने लाखों यहूदियों को होलोकॉस्ट के दौरान मौत के घाट उतारा और दुनिया को एक विनाशकारी युद्ध में धकेल दिया। लेकिन, अब दुनिया में एक और एडॉल्फ हिटलर सुर्खियों में हैं, जो अफ्रीका के देश नामीबिया में एक क्षेत्र पर शासन करने का सपना देख रहे हैं।
यह राजनेता हैं नामीबिया के एडॉल्फ हिटलर ऊनोना, जो 26 नवंबर (बुधवार) को होने वाले स्थानीय चुनावों में दोबारा जीत हासिल करने की तैयारी में हैं। 59 वर्षीय एडॉल्फ हिटलर ऊनोना नामीबिया की सत्तारूढ़ सेंटर-लेफ्ट पार्टी ‘साउथ वेस्ट अफ्रीका पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन’ (SWAPO) से ताल्लुक रखते हैं। यह पार्टी नामीबिया की आज़ादी के बाद से लगातार सत्ता में है और उपनिवेशवाद तथा गोरे अल्पसंख्यक शासन के खिलाफ मुखर रही है।
एडॉल्फ हिटलर ऊनोना नामीबिया के उत्तर में स्थित ओशाना क्षेत्र की ओम्पुंड्जा संसदीय क्षेत्र से आते हैं। यह एक छोटा निर्वाचन क्षेत्र है जहाँ 3,000 से भी कम मतदाता हैं। एडॉल्फ इस सीट पर अपना चौथा कार्यकाल जीतने के करीब हैं। इससे पहले वे 2020, 2015 और 2004 में भी यहाँ से जीत चुके हैं।
उन्हें समुदाय से मजबूत समर्थन मिलता रहा है। वह रंगभेद (अपार्थाइड) के खिलाफ एक मुखर आवाज़ के रूप में जाने जाते हैं और उन्हें ज़मीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहने तथा विकास पर ध्यान केंद्रित करने के कारण भी प्रसिद्धि मिली है। साल 2020 के चुनाव में उन्होंने ओम्पुंड्जा संसदीय क्षेत्र में 85 प्रतिशत वोटों के साथ शानदार जीत दर्ज की थी, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाती है।
दुनिया जिस नाम से सबसे ज़्यादा नफरत करती है, उस नाम के पीछे की कहानी बताते हुए एडॉल्फ ऊनोना ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके पिता ने शायद उनका नाम जर्मन नेता (एडॉल्फ हिटलर) के नाम पर रखा था। उनका मानना है कि पिता को उस समय नाम की अहमियत मालूम नहीं थी। उन्होंने कहा, “शायद मेरे पिता नहीं समझते थे कि एडॉल्फ हिटलर किसके लिए जाना जाता है। बचपन में मुझे यह नाम बिल्कुल सामान्य लगता था।”
साल 2020 में, ऊनोना ने स्पष्टीकरण देते हुए ‘द नेमिबियन’ से कहा था, “मेरे पिता ने मेरा नाम एडॉल्फ हिटलर रखा था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मेरा स्वभाव या व्यक्तित्व जर्मनी वाले एडॉल्फ हिटलर जैसा है। हिटलर एक विवादित व्यक्ति था, जिसने दुनिया भर में लोगों को कैद किया और मारा। मैं उसके जैसा बिल्कुल नहीं हूँ।”
एडॉल्फ ऊनोना ने यह भी बताया कि बचपन में उन्हें अपने नाम के महत्व के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “जब मैं बड़ा हो रहा था, तब जाकर मुझे एहसास हुआ कि यह व्यक्ति पूरी दुनिया पर कब्ज़ा करना चाहता था।” एडॉल्फ ने उस व्यक्ति से और नाजी विचारधारा से पूरी तरह दूरी बना ली है जिसके नाम पर उनका नाम रखा गया था।
उन्होंने साफ़ किया कि नाम बदलने की उनकी कोई योजना नहीं है। उनकी पत्नी उन्हें एडॉल्फ ही कहती हैं, और वह सार्वजनिक जीवन में तथा आधिकारिक दस्तावेजों में भी इसी नाम से जाने जाते हैं। उनका कहना है कि अब इसे बदलने में बहुत देर हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मेरे पास यह नाम है, इसका मतलब यह नहीं कि मैं ओशाना पर कब्ज़ा करना चाहता हूँ। न ही इसका मतलब है कि मैं दुनिया पर राज करने की मंशा रखता हूँ।”
एडॉल्फ हिटलर नाम नामीबिया के इतिहास से जुड़ा है। आपको बता दें कि नामीबिया सन 1884 से 1915 के बीच जर्मनी का कब्ज़ा था, जिसे उस समय जर्मन साउथ वेस्ट अफ्रीका कहा जाता था। इस दौरान जर्मनी ने देश पर अपना सांस्कृतिक प्रभाव छोड़ा था।
सन् 1904 से 1908 के बीच स्थानीय नामा, हेरोरो और सान समुदायों द्वारा किए गए विद्रोह के दौरान जर्मन साम्राज्य ने हजारों लोगों की हत्या कर दी थी। कुछ इतिहासकार इसे ‘द फॉरगॉटन जेनोसाइड’ (भूला हुआ नरसंहार) भी कहते हैं। कैजर विल्हेम द्वितीय के शासनकाल में किए गए इस दमन में करीब 70,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान था, जो इस नाम की ऐतिहासिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
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