अंबिकापुर @thetarget365 सरगुजा जिले में शराब प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका देने वाला खुलासा हुआ है। सरकारी शराब दुकानों में मिलावटी शराब बेचे जाने का शक गहराता जा रहा है। शराब की बोतलों पर लिखी बैच डेट ही इस गड़बड़ी का सबसे बड़ा सबूत बनकर सामने आ रही है।
कैसे हो रही है मिलावट?
जांच में सामने आया है कि एक ही ब्रांड की अलग-अलग बोतलों पर अलग-अलग बैच नंबर और साल दर्ज हैं। इससे यह साफ होता है कि या तो पुरानी शराब को नई बताकर बेचा जा रहा है, या फिर मिलावट कर उसे नए बैच की बोतल में पैक कर दिया जा रहा है।
अंबिकापुर के गंगापुर स्थित शासकीय शराब दुकान से एक ग्राहक द्वारा खरीदी गई शराब की बोतल का बैच नंबर देखने पर पता चला कि वह पुरानी थी। जब उसने इसे लौटाने की कोशिश की, तो तुरन्त ही सेल्समैन ने उसे बदलकर दूसरी बोतल पकड़ा दी। इससे साफ है कि शराब दुकानों में कुछ गड़बड़ हो रही है।
देखें वीडियो
क्या आबकारी विभाग भी है मिलीभगत में?
सरकारी शराब दुकानों में इस तरह की मिलावट रोकने के लिए आबकारी विभाग के अधिकारी तैनात होते हैं। लेकिन इसके बावजूद यह गोरखधंधा बेरोकटोक जारी है। समय-समय पर कार्यवाही भी हो रही है लेकिन इसके बाद भी यह धंधा बेरोक टोक धड़ल्ले से जारी है।सवाल उठता है कि क्या विभाग इस पूरे खेल से अनजान है, या फिर मिलीभगत का मामला है?
सरकार वसूल रही करोड़ों का टैक्स, लेकिन मिल रही मिलावटी शराब
एक ओर सरकार शराब से करोड़ों रुपये का टैक्स वसूलती है, लेकिन शराब प्रेमियों को शुद्ध शराब तक नहीं मिल रही। शराब प्रेमियों का आरोप है कि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। इससे पूर्व भी कई बार शिकायतें सामने आई हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती कर दिया जाता है।
इस पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर और आबकारी विभाग से की गई है, लेकिन अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
बड़ा सवाल यह है कि शराब में मिलावट हो रही है, या फिर जिम्मेदार अधिकारियों के ईमान में? शराब प्रेमी लगातार इस गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। क्या सरकार इस पर जल्द सख्त कदम उठाएगी, या फिर शराब प्रेमी यूं ही मिलावटी शराब पीने को मजबूर रहेंगे?