Amir Khan Muttaqi Visit: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्ताकी इस समय भारत के दौरे पर हैं। उनके इस दौरे के दौरान आगरा में ताजमहल दर्शन का कार्यक्रम तय था, लेकिन आखिरी समय में अचानक इस दौरे को रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन कूटनीतिक कारणों के चलते यह दौरा स्थगित कर दिया गया है। अब तक इसके पीछे के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक मसलों की वजह से यह फैसला लिया गया।

30 साल बाद अफगान विदेश मंत्री का भारत दौरा
यह 30 सालों में पहली बार था जब कोई अफगानी विदेश मंत्री भारत का दौरा कर रहा था। मुत्ताकी ने इस दौरे के दौरान दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद उनका देवबंद दौरा था, जहां से वे आगरा आने वाले थे।

देवबंद दौरे पर भी दिया था अहम बयान
मौलवी आमिर खान मुत्ताकी ने देवबंद के दौरे के दौरान कहा था कि देवबंद इस्लाम का एक ऐतिहासिक केंद्र है और वहां के उलेमाओं और अफगानिस्तान के उलेमाओं के बीच पुराना संबंध है। उन्होंने बताया कि देवबंद मसलक को मानने वाले अफगानिस्तान में भी मौजूद हैं। मुत्ताकी ने कहा था कि देवबंद जाने पर वे नमाज पढ़ते हैं, इस्लामी नेताओं से मिलते हैं और तालिबान के छात्र नेताओं से भी बातचीत करते हैं।
ताजमहल दौरे को लेकर बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था
आगरा प्रशासन ने मुत्ताकी के ताजमहल दौरे को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। अमर विकास होटल में उनके लंच कार्यक्रम की भी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ ताजमहल क्षेत्र में मौजूद थीं ताकि विदेशी मेहमान का दौरा सुचारू रूप से पूरा हो सके। लेकिन अंतिम क्षणों में दौरा रद्द होने की खबर ने सभी को चौंका दिया।
दौरे रद्द होने के पीछे कूटनीतिक कारण
अफगान विदेश मंत्री के आगरा दौरे के रद्द होने के पीछे कूटनीतिक कारण बताये जा रहे हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की कोशिशें जारी हैं, लेकिन कुछ असमझदारी और मसलों के कारण इस दौरे को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। भारत-अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक बातचीत और द्विपक्षीय संबंधों में यह दौरा अहम माना जा रहा था।
भारत-अफगानिस्तान संबंधों में नई उम्मीदें
30 साल बाद अफगान विदेश मंत्री का भारत दौरा दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की दिशा में एक सकारात्मक कदम था। मुत्ताकी के दौरे से उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के बीच सहयोग और सुरक्षा, शिक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत होगी। हालांकि आगरा दौरे के रद्द होने से यह कदम फिलहाल टल गया है।











