Agnimitra Paul vs Mamata: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा नेता और विधायक अग्निमित्रा पॉल ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हाल ही में एक दलित छात्रा से जुड़े संवेदनशील मामले को लेकर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया को “झूठा और शर्मनाक” बताया।
पॉल ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत शर्म की बात है कि हमारी महिला मुख्यमंत्री ऐसी बातें कहती हैं। पहले तो वह झूठ बोलती हैं। उन्हें सब कुछ पता है, फिर भी वे 8 बजे की घटना को झूठ बोलकर 12 बजे बताती हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी जानबूझकर अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने सवाल उठाया, “क्या रात की ड्यूटी पर जाने वाले डॉक्टर और नर्स नहीं जाएं? क्या सेवा उद्योग और आईटी सेक्टर में काम करने वालों को अपने काम से रुक जाना चाहिए?” उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला या छात्रा रात को बाहर है, तो क्या इसका मतलब यह है कि उसके साथ कुछ भी हो सकता है और राज्य सरकार दोषियों को सजा नहीं देगी?
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी की प्रशासनिक नीतियों पर भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “अपराधियों को एहसास हो गया है कि वे इस सरकार को चला रहे हैं। इसलिए ममता बनर्जी पुलिस और प्रशासन को दोष नहीं देतीं। वर्तमान में पुलिस केवल बनर्जी परिवार, TMC नेताओं और मंत्रियों को ही सुरक्षा देती है। आम नागरिक, खासकर महिलाएं और छात्राएं, असुरक्षित हैं।”
पॉल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह घटना एक दलित छात्रा के साथ हुई, जो दूसरे राज्य से पढ़ाई करने के लिए बंगाल आई थी। उन्होंने कहा, “यह बहुत शर्म की बात है कि हमारे राज्य में एक दलित लड़की को सुरक्षा नहीं मिल रही। यह न सिर्फ कानून व्यवस्था की विफलता है, बल्कि सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी चोट है।”
राज्य में हालिया घटनाओं और अपराध दर में बढ़ोतरी को लेकर भी भाजपा लगातार ममता सरकार को घेरती रही है। अग्निमित्रा पॉल का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर आक्रामक रवैया अपना रहा है।
ममता बनर्जी की तरफ से इस पर अब तक कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा इस तरह के मामलों को राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह कर रही है।
पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा इसे ममता सरकार की विफलता करार दे रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे विपक्ष की साजिश बता रही है। लेकिन सच यही है कि अगर महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, तो सरकार को बिना राजनीतिक रंग दिए तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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