Agniveer Service Extension: भारतीय सेना में वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अग्निवीरों के पहले बैच की सेवा अवधि दो साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अग्निवीरों को निर्धारित समय से अतिरिक्त दो साल तक सेवा करने का अवसर मिलेगा। सरकार के इस ऐलान ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। जहां इसे अग्निवीरों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, वहीं विपक्ष ने इस फैसले को सरकार की पिछली नीति में बदलाव और युवाओं के दबाव का परिणाम बताया है।
अग्निवीरों की सेवा बढ़ाने पर सौरव दास का मोदी सरकार पर तंज
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले पर सीजेपी नेता सौरव दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर एक पोस्ट साझा करते हुए इसे मोदी सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक यू-टर्न’ बताया। सौरव दास ने कहा कि देश में बेरोजगारी का संकट झेल रहे युवाओं की चिंताएं वास्तविक हैं। उनके मुताबिक, सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ते असंतोष से चिंतित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार डरी हुई है और काफी ज्यादा डरी हुई है।

आशुतोष रांका ने अग्निवीर योजना की शुरुआत पर उठाए सवाल
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने भी अग्निवीर योजना को लेकर सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पूछा कि आखिर इस योजना को शुरू करने की जरूरत ही क्यों पड़ी थी? उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पहले बैच के अग्निवीरों की निर्धारित सेवा अवधि समाप्त होने वाली थी। विपक्षी नेताओं का मानना है कि सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला योजना को लेकर उठ रहे सवालों और युवाओं की चिंताओं के बीच आया है।

अश्विनी वैष्णव और CDS की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अग्निवीरों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पहले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल करने का प्रावधान था। अब इस आंकड़े को बढ़ाकर 75 प्रतिशत किए जाने की बात सामने आई है। इसके तहत चयनित अग्निवीरों को दो साल तक अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इस अवधि में उन्हें पहले की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिलने की भी जानकारी दी गई है।
75 प्रतिशत अग्निवीरों के चयन में क्या होगी प्रक्रिया?
अग्निवीरों को लेकर किए गए इस बदलाव में चयन प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि दो साल की अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में शामिल करने के लिए निर्धारित सैन्य मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। यानी अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलने के बावजूद अंतिम चयन सेना के तय मानदंडों के अनुसार ही होगा। हालांकि, इस व्यवस्था की विस्तृत आधिकारिक शर्तों और चयन प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करना जरूरी है।

2022 में शुरू हुआ था पहला बैच, अब बढ़ी सेवा अवधि
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेनाओं में अग्निवीरों का पहला बैच वर्ष 2022 में भर्ती हुआ था। इन युवाओं की निर्धारित सेवा अवधि इसी साल समाप्त होने वाली थी। ऐसे समय में सरकार ने सेवा अवधि दो साल बढ़ाने का फैसला लिया है। इस घोषणा से पहले बैच के अग्निवीरों को अतिरिक्त समय तक सैन्य सेवा करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसले पर राजनीतिक बहस तेज
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला युवाओं के रोजगार और सेना में स्थायी अवसरों को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है। सरकार के इस कदम को जहां अग्निवीरों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे अपनी नीतियों में बदलाव के तौर पर पेश कर रहा है। आने वाले दिनों में इस फैसले के विस्तृत नियम और आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होंगे।

