AI Privacy Risk: आज के डिजिटल युग में ChatGPT, Google Gemini और Grok जैसे एआई चैटबॉट्स का उपयोग बिजली की गति से बढ़ रहा है। जीवन को आसान बनाने वाले ये टूल्स अब हमारे निजी सहायक बन चुके हैं। लेकिन, सुविधा के इस दौर में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा जोखिम भी पैदा हो गया है। तकनीकी विशेषज्ञों और डेटा प्राइवेसी ग्रुप्स ने हाल ही में चेतावनी जारी की है कि चैटबॉट्स के साथ साझा की गई कुछ विशिष्ट जानकारियां आपके लिए न केवल वित्तीय बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी खतरनाक साबित हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एआई प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती निर्भरता ‘लाइफ थ्रेटनिंग’ यानी जीवन के लिए घातक स्थितियों को जन्म दे सकती है।
OpenAI की रिपोर्ट: करोड़ों यूजर्स मांग रहे हैं एआई से मेडिकल सलाह
OpenAI द्वारा जारी हालिया डेटा ने दुनिया को चौंका दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हर सप्ताह लगभग 230 मिलियन (करीब 23 करोड़) यूजर्स चैटजीपीटी से स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़ी सलाह मांग रहे हैं। लोग न केवल सामान्य लक्षण पूछते हैं, बल्कि अपनी हेल्थ डायग्नोसिस रिपोर्ट, वर्तमान दवाइयां, ब्लड टेस्ट के परिणाम और इंश्योरेंस से जुड़े गोपनीय कागजात भी चैटबॉट पर अपलोड कर रहे हैं। अपनी सबसे संवेदनशील मेडिकल जानकारी एक एल्गोरिदम के साथ साझा करना भविष्य में गंभीर सुरक्षा सेंध का कारण बन सकता है, क्योंकि यह डेटा किसी भी क्लाउड स्टोरेज या सर्वर का हिस्सा बन जाता है।
एआई टूल्स की नई पहल: गोपनीयता के दावे और भविष्य की चुनौतियां
बाजार की मांग को देखते हुए OpenAI ने ‘ChatGPT Health’ और Anthropic ने ‘Claude’ जैसे विशेष एआई फीचर्स पेश किए हैं। इन कंपनियों का दावा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर दी गई मेडिकल डिटेल्स पूरी तरह गोपनीय हैं और इनका उपयोग एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता है। हालांकि, तकनीकी जगत में यह एक बहस का विषय है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आज के “गोपनीय” दावे कल की बदलती कॉर्पोरेट पॉलिसी के आगे टिक नहीं पाएंगे। एक बार जब आपका डेटा सिस्टम में चला जाता है, तो उसे पूरी तरह डिलीट करना लगभग असंभव होता है।
डेटा प्राइवेसी एक्सपर्ट्स की चिंता: क्या आपका डेटा होगा नीलाम?
‘The Verge’ की एक रिपोर्ट में डेटा प्राइवेसी एक्सपर्ट्स ने आगाह किया है कि एआई कंपनियों की प्राइवेसी पॉलिसी कभी भी बदल सकती है। वर्तमान में कंपनियां डेटा सुरक्षित रखने का वादा कर रही हैं, लेकिन भविष्य में आपकी मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट्स का उपयोग एआई को अधिक सटीक बनाने (Training) के लिए किया जा सकता है। इससे भी बुरा यह है कि यदि यह संवेदनशील डेटा डार्क वेब पर लीक होता है या गलत हाथों में पड़ता है, तो इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या इंश्योरेंस फ्रॉड के लिए किया जा सकता है। आपकी बीमारी की जानकारी आपकी व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा है, जिसे सार्वजनिक करना नुकसानदायक हो सकता है।
सुरक्षित रहने के उपाय: एआई का उपयोग करते समय बरतें ये सावधानियां
एआई चैटबॉट्स का उपयोग करते समय यूजर्स को कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है। सबसे पहले, कभी भी अपनी असली पहचान, बैंक विवरण या आधार कार्ड जैसे दस्तावेज इन टूल्स के साथ साझा न करें। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर समस्या के लिए एआई पर भरोसा करने के बजाय किसी प्रमाणित डॉक्टर या विशेषज्ञ से ही परामर्श लें। एआई केवल एक सूचनात्मक टूल है, वह डॉक्टर का विकल्प नहीं हो सकता। याद रखें, इंटरनेट पर साझा की गई हर जानकारी का एक ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ होता है, जो आपकी प्राइवेसी को कभी भी खतरे में डाल सकता है।
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