Artificial Intelligence : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने कोडिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसी डिजिटल दुनिया में तो क्रांति ला दी है, लेकिन अब यह तकनीक आपके बेडरूम और आपके सपनों तक पहुँचने के लिए तैयार है। एक अमेरिकी टेक स्टार्टअप ‘प्रोफेटिक एआई’ (Prophetic AI) ने एक ऐसा वियरेबल गैजेट पेश किया है, जो दावा करता है कि वह आपके सपनों को आपकी मर्जी के मुताबिक कंट्रोल कर सकता है। इस क्रांतिकारी और रहस्यमयी डिवाइस की शुरुआती कीमत 449 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 42,000 रुपये) तय की गई है। हालांकि, विज्ञान जगत में इस तकनीक की विश्वसनीयता को लेकर अभी भी लंबी बहस छिड़ी हुई है।

लूसिड ड्रीमिंग: सपनों में जागने की जादुई तकनीक
प्रोफेटिक एआई ने बाज़ार में दो मुख्य मॉडल—Dual और Phase पेश किए हैं। ये डिवाइस देखने में किसी भविष्यवादी हेडबैंड की तरह लगते हैं, जिन्हें सोते समय सिर पर पहनना होता है। कंपनी का मुख्य दावा “लूसिड ड्रीमिंग” (Lucid Dreaming) को ट्रिगर करना है। लूसिड ड्रीमिंग एक ऐसी दुर्लभ मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को सपने देखते समय इस बात का अहसास हो जाता है कि वह सो रहा है और वह एक सपना देख रहा है। इस जागरूकता के आने के बाद, व्यक्ति अपने सपने की कहानी, पात्रों और परिवेश को अपनी इच्छा के अनुसार बदल सकता है।
विज्ञान और तकनीक का अनूठा संगम
यह डिवाइस आखिर काम कैसे करता है? कंपनी के अनुसार, यह गैजेट सुरक्षित अल्ट्रासोनिक वेव्स का उपयोग करता है। ये तरंगें मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex) को सक्रिय करती हैं। दिमाग का यह हिस्सा तार्किक सोच, निर्णय लेने और आत्म-जागरूकता के लिए जिम्मेदार होता है। सामान्य नींद के दौरान यह हिस्सा शांत रहता है, लेकिन यह हेडबैंड इसे REM (रैपिड आई मूवमेंट) स्लीप के दौरान सक्रिय कर देता है। इसके साथ ही, इसमें ‘इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम’ (EEG) सेंसर लगे हैं जो रियल-टाइम में मस्तिष्क की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं, ठीक वैसी ही तकनीक जिसका उपयोग एलन मस्क की कंपनी ‘न्यूरालिंक’ कर रही है।
tFUS तकनीक और AI का तालमेल
इस गैजेट की कार्यप्रणाली ट्रांसक्रैनियल फोकस्ड अल्ट्रासाउंड (tFUS) तकनीक पर आधारित है। इसे अत्याधुनिक एआई एल्गोरिदम के साथ जोड़ा गया है ताकि यह सटीक समय पर दिमाग के खास हिस्सों को लक्षित कर सके। सैद्धांतिक रूप से, यह तकनीक सपनों को अधिक स्पष्ट, यादगार और नियंत्रित करने योग्य बनाती है। कंपनी का मानना है कि इससे लोग अपनी कल्पनाओं को सपनों में जी सकेंगे। हालांकि, स्वतंत्र वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक को अभी और अधिक क्लीनिकल ट्रायल और वैज्ञानिक प्रमाणों की आवश्यकता है।
कीमत और उपलब्धता: कब मिलेगा यह डिवाइस?
कीमत की बात करें तो Dual मॉडल को किफायती श्रेणी में रखा गया है, जिसकी कीमत लगभग 43,000 रुपये है और इसकी डिलीवरी इस साल के अंत तक शुरू हो सकती है। वहीं, जो लोग अधिक एडवांस फीचर्स चाहते हैं, उनके लिए Phase मॉडल है, जिसकी कीमत करीब 1.2 लाख रुपये (1,299 डॉलर) है। कंपनी के अनुसार, फेस मॉडल की शिपिंग 2027 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है। तकनीक के शौकीनों के लिए यह निवेश एक नया अनुभव हो सकता है।
रोमांच या सिर्फ एक कल्पना?
एआई लगातार उन सीमाओं को तोड़ रहा है जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। सपनों को नियंत्रित करने का विचार निश्चित रूप से रोमांचक है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी मानने से पहले अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। क्या एआई वास्तव में हमारे अवचेतन मन का मास्टर बन पाएगा या यह केवल एक महंगा प्रयोग बनकर रह जाएगा? इसका जवाब भविष्य के वैज्ञानिक शोधों में ही छिपा है। फिलहाल, लोग इस तकनीक के जरिए अपनी नींद को एक नए रोमांच में बदलने का इंतजार कर रहे हैं।
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