Ajit Doval Russia : टैरिफ को लेकर भारत और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 5 अगस्त को रूस के दौरे पर पहुंचे हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बीच यह दौरा विशेष महत्व रखता है। ‘द मॉस्को टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, डोभाल की यह यात्रा भारत-रूस के बीच तेल से जुड़ी संभावित डील की दिशा में अहम साबित हो सकती है।
रूस की न्यूज एजेंसी TASS ने बताया कि डोभाल 7 अगस्त को रूस में अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें करेंगे। इस दौरान भारत की रणनीति को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर भी अगले सप्ताह रूस का दौरा कर सकते हैं, जो भारत-रूस संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
भारत विश्व में चीन के बाद सबसे बड़ा तेल खरीदार है और अपनी कुल जरूरत का करीब 35 प्रतिशत तेल रूस से खरीदता है। हाल ही में अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत, रूस से तेल खरीदकर युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो उस पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा। फिलहाल अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
इस बीच, भारत की तरफ से रूस से तेल खरीद को लेकर कुछ राहत की उम्मीद भी जगी है। खबर है कि रूस भारत को तेल खरीदने पर छूट (डिस्काउंट) देने पर विचार कर रहा है, जिससे भारत के लिए तेल की लागत कम हो सकती है। यह कदम भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत ऊर्जा संबंधों को और गहरा करेगा।
ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार भारतीय मूल की निक्की हेली ने डोनाल्ड ट्रंप को नसीहत दी है। हेली ने कहा कि भारत जैसे मजबूत सहयोगी से रिश्ते खराब करने की गलती नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका संबंधों में खटास ला सकता है, जबकि दोनों देशों के बीच रिश्ते इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है, लेकिन यह अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है। टैरिफ और व्यापार संबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच चल रहे संवाद को ध्यान में रखते हुए अजीत डोभाल का रूस दौरा और भी अहम हो गया है। भारत की रणनीति यह है कि वह ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल की खरीद जारी रखे, जबकि अमेरिका के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत बनाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की रूस यात्रा ऐसे वक्त में आई है जब भारत-अमेरिका संबंधों में रूस से तेल खरीद को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है, वहीं रूस की तरफ से भारत को तेल पर छूट देने की संभावना है। डोभाल पुतिन से ऊर्जा सहयोग को लेकर चर्चा करेंगे। इस बीच, अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप को भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ने से बचने की सलाह दी है। यह दौरा भारत की ऊर्जा रणनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अहम भूमिका निभाएगा।
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