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अंबिकापुर @thetarget365 कार्यालय अधिष्ठाता, राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर द्वारा स्टेनो कम कम्प्युटर ऑपरेटर की पदोन्नति सहायक प्रोग्रामर के पद पर कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से करने का आरोप छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री ने लगाया है। नियम विरूद्ध पदोन्नति की पुष्टि कार्यालय आयुक्त सरगुजा संभाग द्वारा गठित जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर भी हो चुकी है। मामले में संभागायुक्त ने अधिष्ठाता को पत्र भी जारी किया है।
प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार पाण्डेय ने थाना प्रभारी गांधीनगर को लिखित शिकायत पत्र में बताया है कि पदोन्नति करने के लिए पदोन्नति समिति की कार्रवाई विवरण के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि, कृपा सागर पैंकरा को नियम विरूद्ध तरीके से पदोन्नति का लाभ देने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किया गया है। पदोन्नति समिति के कार्रवाई विवरण दिनांक 07 जनवरी 2021 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि समान योग्यता, वेतनमान वाले रिक्त पद उपलब्ध हैं, इनका समतुल्य मान्य किए जाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, जबकि कृपा सागर पैंकरा स्टेनो कम कम्प्युटर आपरेटर वेतनमान 25300-80500 लेवल-6 को सहायक प्रोग्रामर के पद पर पदोन्नत कर वेतनमान 38100-120400 लेवल-9 पर पदोन्नत किया गया। इसमें निश्चित रूप से वित्तीय भार आ रहा है। ऐसे में कार्रवाई विवरण में वित्तीय भार नहीं आने का उल्लेख किया जाना कूटरचना की श्रेणी में आता है।
संघ का आरोप है कि कार्यालय अधिष्ठाता, राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 में की गई पदोन्नति की कार्रवाई व्यक्तिगत लाभ देने के उद्देश्य से की गई है और कूटरचित दस्तावेज तैयार किया गया। वहीं पदोन्नति समिति कार्रवाई विवरण दिनांक 24 जुलाई 2023 में प्रकरण क्रमांक-02 में अनुसूचित क्षेत्रों में सुविधाएं नियम-10 के उप नियम में दिए गए प्रावधान अनुसार पदोन्नति करने का उल्लेख किया गया है। संबंधितों के पदोन्नति आदेश में भी नियम 10 के उपनियम का हवाला दिया गया है, जबकि शासन का अनुसूचित क्षेत्रों में सुविधाएं नियम-10 के उपनियम है ही नहीं।
संघ द्वारा इसकी शिकायत 24 अप्रैल 2024 को अधिष्ठाता कार्यालय में की गई थी, जिस पर 02 जुलाई 2024 को पदोन्नति की कार्रवाई को सही बताते हुए अधिष्ठाता कार्यालय से पत्राचार किया गया, जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग रायपुर के पत्र दिनांक 15 जुलाई 2009 का उल्लेख किया गया है, जबकि पदोन्नति की कार्रवाई में छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती नियम 21 सितम्बर 2011 एवं अनुसूचित क्षेत्रों में सुविधाएं नियम-10 के उप नियम का उल्लेख किया गया है। इससे कार्यालय द्वारा जालसाजी कर दस्तावेज तैयार कर व्यक्तिगत लाभ देने की दृष्टि से पदोन्नति की कार्रवाई करना स्पष्ट प्रतीत होता है। संघ के प्रदेश महामंत्री ने इसकी सूक्ष्मता से जांच कर अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की है।
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