Amarnath Yatra: आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में शिव भक्तों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। बाबा बर्फानी के दर्शनों की अभिलाषा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला संयुक्त अस्पताल, गौरीगंज में दर्जनों दर्शनार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यात्रा के दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Health Certificate) जारी करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। अस्पताल परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जो अपनी आस्था की यात्रा को सफल बनाने के लिए चिकित्सकीय परामर्श लेने पहुंचे थे।

वरिष्ठ डॉक्टरों की देखरेख में परीक्षण: डॉ. पीताम्बर रजक ने जारी किए सर्टिफिकेट
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीताम्बर रजक ने व्यक्तिगत रूप से श्रद्धालुओं की जांच की। उन्होंने श्रद्धालुओं के ब्लड प्रेशर, हृदय गति और शारीरिक सहनशक्ति का आकलन किया ताकि यात्रा के ऊंचे रास्तों पर उन्हें किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या का सामना न करना पड़े। डॉ. रजक ने ‘श्री बर्फानीश्वर महादेव सेवा समिति बाराबंकी’ की अमेठी शाखा के प्रमुख सेवादार अतुल कसौधन सहित सभी सम्मिलित शिव भक्तों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के पश्चात पात्र पाए गए भक्तों को आधिकारिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस दौरान डॉ. रजक ने भक्तों को प्रोत्साहित करते हुए यात्रा को सावधानीपूर्वक और सकुशल पूर्ण करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
अतुल कसौधन और सेवा समिति का संकल्प: जनकल्याण के लिए धार्मिक यात्रा
प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। श्री बर्फानीश्वर महादेव सेवा समिति के प्रमुख सेवादार अतुल कसौधन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अमेठी के शिव भक्त पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य न केवल आत्मकल्याण है, बल्कि समाज और जनकल्याण की कामना भी है। समिति के सदस्यों ने बताया कि वे बाबा बर्फानी से क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करने के लिए उत्साहित हैं। अतुल कसौधन ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने सुचारू रूप से मेडिकल चेकअप की व्यवस्था की।
यात्रा के लिए जरूरी है स्वास्थ्य प्रमाण पत्र: गाइडलाइन्स का पालन अनिवार्य
अमरनाथ यात्रा एक दुर्गम यात्रा मानी जाती है, जहाँ दक्षिण कश्मीर के हिमालय में स्थित पवित्र गुफा तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 14,000 फीट की ऊँचाई तय करनी होती है। अधिक ऊँचाई पर कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। यही कारण है कि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने बिना वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के पंजीकरण और यात्रा को प्रतिबंधित किया है। अमेठी जिला अस्पताल में हो रहे ये परीक्षण इसी सुरक्षा मानक का हिस्सा हैं। डॉक्टरों ने भक्तों को यात्रा के दौरान पर्याप्त जल पीने, ऊनी कपड़े साथ रखने और किसी भी तरह की बेचैनी होने पर तुरंत बेस कैंप के मेडिकल यूनिट से संपर्क करने की सलाह दी है।
भक्ति और उत्साह का माहौल: अमेठी से जल्द रवाना होगा जत्था
प्रमाण पत्र मिलने के साथ ही अब शिव भक्तों ने अपनी पैकिंग और यात्रा की अन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। अमेठी के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्तों का कहना है कि वे आगामी दिनों में अपने जत्थे के साथ जम्मू के लिए रवाना होंगे। अस्पताल परिसर में “हर-हर महादेव” और “जय बाबा बर्फानी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों का मानना है कि महादेव की कृपा से उनकी यात्रा सफल होगी। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले यात्रियों में युवा और बुजुर्ग दोनों शामिल थे, जिनका जोश देखने लायक था। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि यात्रा पर जाने वाले हर जिले के नागरिक को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
Read More: Iran US Peace Talk : “बातचीत की मेज पर भी हार गया अमेरिका”, पीस टॉक फेल होने पर ईरान की दोटूक!


















