Ambikapur Accident: अंबिकापुर से कोयला लोड कर बिलासपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार हाईवा (क्रमांक CG 10 BM 7002) बुधवार सुबह सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डांडगांव में सड़क किनारे स्थित एक दुकान में अनियंत्रित होकर जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि हाईवा पलट गई और दुकान के पास मौजूद दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के समय दुकान के पास लगभग चार से पांच बच्चे मौजूद थे। इस वजह से यह आशंका जताई जा रही है कि एक या दो बच्चे मलबे में दब सकते हैं। घटना स्कूल के समय सुबह लगभग 9:30 बजे हुई, जिससे पूरे डांडगांव क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया। आसपास के लोग डर और चिंता के कारण घटनास्थल पर जुट गए और बच्चों की खोजबीन में मदद करने लगे।
हादसे के कारण अंबिकापुर–बिलासपुर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। करीब आधे घंटे से अधिक समय से यातायात पूरी तरह ठप है और सड़क के दोनों ओर लंबी वाहनों की कतारें लग गई हैं। इन कतारों में यात्री बसें, ट्रक और निजी वाहन शामिल हैं। दुर्घटना स्थल पर जाम की स्थिति बनी हुई है और यात्री तथा स्थानीय लोग परेशान हैं।
सूचना मिलते ही उदयपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक आभास मिंज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य को संगठित करने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, घटना के आधे घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई विशेष राहत एवं बचाव वाहन मौके पर नहीं पहुंच पाया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से फिलहाल मलबा हटाने और दबे बच्चों की तलाश का प्रयास जारी है। लोग खुद ही हाथ में उपकरण लेकर मलबा हटाने में जुटे हैं। पुलिस भी स्थिति पर नियंत्रण बनाने की कोशिश कर रही है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दे रही है।
पुलिस और ग्रामीण प्रारंभिक तौर पर अनुमान लगा रहे हैं कि हाईवा की तेज गति और ब्रेक फेल होने जैसी तकनीकी खराबी हादसे का मुख्य कारण हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हाईवा की गति को नियंत्रित किया गया होता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्चों की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है, और अस्पताल में उन्हें विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
ग्रामीण इस बात से चिंतित हैं कि यदि समय पर राहत और बचाव वाहन नहीं पहुंचे तो और भी गंभीर हादसा हो सकता था। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द आवश्यक मदद की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि राहत टीम और आवश्यक उपकरण जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचाए जाएंगे ताकि मलबे के नीचे दबे किसी भी बच्चे को सुरक्षित निकाला जा सके।इस पुनर्लिखित लेख में घटनाक्रम, बच्चों की स्थिति, पुलिस और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया, तथा सड़क जाम और प्रशासनिक पहलू को विस्तार से बताया गया है। कुल शब्द संख्या लगभग 505 है।यदि आप चाहें, तो मैं इसे और अधिक जीवंत शैली में समाचार पत्र जैसे टोन में भी बदल सकता हूँ, ताकि यह और अधिक पठनीय और आकर्षक लगे।
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