Mayor Manjusha Bhagat: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर का नवागढ़ इलाका इन दिनों पीलिया (जॉन्डिस) की चपेट में है। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के बीच अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने एक बेहद हैरान करने वाला बयान दिया है। प्रभावित इलाके का दौरा करने पहुंची महापौर ने बीमारी फैलने के पीछे ‘साजिश’ की आशंका जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शहर के अन्य हिस्सों को छोड़कर केवल इसी विशेष जोन में ही पीलिया के मरीज क्यों मिल रहे हैं? महापौर के अनुसार, इस घटनाक्रम में उन्हें साजिश की बू आ रही है। हालांकि, उनके इस बयान को स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विपक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
महापौर के ‘साजिश’ वाले दावों के उलट स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभाग द्वारा नवागढ़ जोन से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच में ‘ई-कोलाई’ (E. coli) नामक खतरनाक बैक्टीरिया पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं है और इसमें बैक्टीरिया का स्तर काफी अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
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महापौर मंजूषा भगत ने निरीक्षण के दौरान अपनी ही व्यवस्था और स्थानीय पार्षदों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्वीकार किया कि निगम प्रशासन को इस बीमारी के फैलने की भनक 10 दिन पहले ही लगी, जबकि इलाके में पिछले तीन महीनों से मरीज मिल रहे थे। महापौर ने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद और अधिकारियों ने समय पर जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि नवागढ़ में पिछले दो वर्षों से ढंग से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है और यही बीमारी का मुख्य स्रोत बना है।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए बताया कि आंकड़ों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, नवागढ़ में पहले 42 मरीज मिले थे, जिसके बाद रविवार को 8 नए मरीज और महामाया पारा में 6 मरीज सामने आए हैं। विपक्ष का कहना है कि संक्रमण केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में सप्लाई किए जा रहे पेयजल की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके।
वर्तमान में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम का अमला सक्रिय हो गया है। निगम के जल प्रभारी जितेंद्र सोनी ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज की मरम्मत की जा रही है ताकि दूषित पानी की सप्लाई बंद हो सके। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की टीमें नवागढ़, मोमिनपुर और महामाया वार्ड में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। सोमवार को लगाए गए विशेष कैंप में 100 से अधिक लोगों के रक्त के नमूने लिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पेयजल के साथ-साथ दूषित भोजन भी संक्रमण का कारण हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अंबिकापुर के निर्देशन में नगरीय क्षेत्र अंबिकापुर के मोमिनपुर एवं नवागढ़ वार्ड में पीलिया के संभावित फैलाव की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु विशेष सर्वे अभियान चलाया गया। 24 फरवरी को शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय अम्बिकापुर की 35 नर्सिंग छात्राओं द्वारा घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। इससे पूर्व 23 फरवरी को लिए गए पीलिया के सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र में वर्तमान स्थिति नियंत्रण में पाई गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार क्लोरीनेशन, स्वच्छ पेयजल एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि पीलिया के लक्षण जैसे आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ना, कमजोरी, भूख न लगना, उल्टी अथवा बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं तथा स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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