Ambikapur Crime : अंबिकापुर के चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा पेट्रोल पंप की सेल्सगर्ल विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने मृतका के माता-पिता को क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपये दिए जाने की अनुशंसा की है।
बातचीत बंद करने से नाराज था आरोपी
अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे के अनुसार, विद्यावती पेट्रोल पंप पर सेल्सगर्ल के रूप में काम करती थी। 2 अक्टूबर 2025 को करीब सुबह 11:30 बजे जोगेंद्र पैकरा मोटरसाइकिल से पेट्रोल पंप पहुंचा था। उसके पास चाकू और एयरगन थी। पुलिस के समक्ष दिए बयान के मुताबिक, वह मृतका से बातचीत नहीं करने को लेकर नाराज था और इसी वजह से उसने हमला किया।
पेट्रोल पंप परिसर में किया गया जानलेवा हमला
आरोपी ने पेट्रोल पंप पहुंचते ही विद्यावती पर चाकू से लगातार वार करना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए युवती परिसर में भागी, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और कई बार चाकू से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे संतोष यादव पर भी आरोपी ने चाकू से वार किया, जिससे उनकी दो उंगलियां कट गईं।
एयरगन दिखाकर भागने की कोशिश
घटना के दौरान पास में दुकान चलाने वाले गुरदेव सिंह ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान जोगेंद्र ने एयरगन निकालकर फायर किया। इसके बाद वह पेट्रोल पंप से लगी गली के रास्ते भागने लगा। गुरदेव सिंह, किरना सिंह और आसपास के लोगों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
कुसमी का रहने वाला था आरोपी
जोगेंद्र पैकरा उर्फ लादेन मूल रूप से बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र के भुलसीकला का रहने वाला था। मृतका विद्यावती भी कुसमी क्षेत्र की रहने वाली थी। वह अपनी बहन के साथ अंबिकापुर में रिश्तेदार के घर रहकर पेट्रोल पंप पर नौकरी करती थी। घटना से कुछ दिन पहले आरोपी अंबिकापुर बस स्टैंड के पास स्थित श्याम लॉज में आकर रुका था।
हत्या से पहले चाकू खरीदने की बात सामने आई
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू शहर की एक दुकान से खरीदा था। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित दुकान से सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए। पेट्रोल पंप पर लगे कैमरों में भी घटना का पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ था। पुलिस ने इन फुटेज और तस्वीरों को अदालत के सामने साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजाएं
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 117(2) के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी
अदालत के आदेश के अनुसार, अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को संबंधित मामलों में अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। हालांकि, अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का निर्देश दिया है। साथ ही मृतका के पिता हीरालाल टोप्पो और उनकी माता को क्षतिपूर्ति नियम 2018 के तहत पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है।
अभियोजन ने मृत्युदंड की मांग की थी
अभियोजन पक्ष ने आरोपी के कथित पूर्व आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए मृत्युदंड की मांग की थी। आरोपी के खिलाफ कुसमी थाने में पहले भी अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज होने की जानकारी अदालत के सामने रखी गई। हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल आपराधिक मामला दर्ज होना यह साबित नहीं करता कि आरोपी के सुधार की कोई संभावना नहीं है।
22 गवाहों के बयान और सीसीटीवी बने अहम साक्ष्य
इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल 22 गवाहों का परीक्षण कराया गया। इनमें पुलिसकर्मी, चिकित्सक, मृतका के पिता और बहन, पेट्रोल पंप के कर्मचारी तथा आरोपी को पकड़ने वाले लोग शामिल थे। चाकू बेचने वाले दुकानदार की भी गवाही हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और पूरे मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद मृत्युदंड को उचित नहीं माना और आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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