US-Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के एक दिन बाद ही इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा निशाना साधते हुए दावा किया है कि अमेरिकी प्रशासन इस समझौते को लेकर “बेहद बेताब” था और इसे हासिल करने के लिए उन्होंने हर संभव हथकंडा अपनाया। खामेनेई ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए खुलासा किया कि शुरुआत में वे इस समझौते के वैचारिक रूप से खिलाफ थे। हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से यह आश्वासन मिलने के बाद कि इस प्रक्रिया में देश की संप्रभुता और “रेज़िस्टेंस फ्रंट” के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा, उन्होंने इसे हरी झंडी दी।

डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार और बाजार में आई खुशी
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का पुरजोर बचाव किया है। ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका मध्य-पूर्व में शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ट्रंप ने बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि तेल की कीमतों में कमी और स्टॉक मार्केट में उछाल इस समझौते की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे “फेक न्यूज़” दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इसे डेमोक्रेट्स का प्रोपेगैंडा करार दिया और कहा कि यह अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। साथ ही, उन्होंने लेबनान, हिज़्बुल्लाह और इज़राइल सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद जताई।

परमाणु निरीक्षण पर ट्रंप के दूत का खुलासा
इस बीच, ट्रंप के दूत स्टीव विटकोफ ने अमेरिकी सांसदों को एक निजी ब्रीफिंग में इस समझौते के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। विटकोफ ने बताया कि ईरान अब संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) को अपनी परमाणु साइटों के निरीक्षण की अनुमति देने के लिए सहमत हो गया है। इसके तहत तेहरान उन सभी जगहों की पहचान करेगा जहाँ संवर्धित परमाणु सामग्री रखी गई है। यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
‘साइड डील’ पर विटकोफ ने साफ की स्थिति
सांसदों के साथ बैठक में विटकोफ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए मुख्य समझौते (MoU) में कोई ‘साइड डील’ शामिल नहीं है। हालांकि, उन्होंने जानकारी दी कि तेहरान और IAEA के बीच एक ‘साइड लेटर’ जरूर तैयार किया गया है। विटकोफ के अनुसार, इस पत्र के माध्यम से IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी को ईरान आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अपनी टीम के साथ वहां जाकर निरीक्षण शुरू कर सकें। यह प्रक्रिया अमेरिकी परमाणु निरीक्षकों के लिए तेहरान तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करेगी। कुल मिलाकर, यह समझौता जहां कूटनीतिक रूप से एक बड़ी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दोनों देशों के भीतर इसे लेकर जारी बयानबाजी इसके भविष्य को लेकर संशय भी पैदा कर रही है।
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