Amit Shah Bastar Visit: बस्तर पंडुम 2026 के भव्य समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार का साझा लक्ष्य बस्तर को न केवल नक्सलवाद से मुक्त करना है, बल्कि इसे देश के मानचित्र पर सबसे विकसित जनजातीय संभाग के रूप में स्थापित करना है। शाह ने जोर देकर कहा कि बस्तर की शांति की गूँज अब तेलंगाना और अन्य सीमावर्ती इलाकों में छिपे नक्सलियों तक पहुँचनी चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि अब हिंसा का अंत निकट है।
12 विधाओं में निखरी बस्तर की पारंपरिक कला
गृह मंत्री ने महोत्सव की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछली बार जहाँ यह आयोजन केवल 7 विधाओं तक सीमित था, वहीं इस वर्ष इसमें 12 विधाओं को शामिल किया गया है। यह विस्तार जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस वर्ष 55 हजार से अधिक कलाकारों और प्रतिभागियों की भागीदारी ने इस महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया है। शाह ने कहा कि दशकों तक गोलीबारी और हिंसा के साये में रहने वाला बस्तर अब खुले मंच पर अपनी कला और नृत्य का प्रदर्शन कर रहा है, जो क्षेत्र में आए बड़े सकारात्मक बदलाव की पुष्टि करता है।
राष्ट्रपति भवन में सम्मानित होंगे बस्तर के कलाकार
जनजातीय नायकों के सम्मान पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में विशेष भोजन पर आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाकर देश की 700 जनजातियों को मुख्यधारा में सम्मान दिया गया है। उन्होंने बस्तर की संस्कृति को भगवान राम के युग से जुड़ी पौराणिक विरासत बताया, जिसे स्थानीय लोगों ने सदियों से सहेज कर रखा है।
हथियार छोड़ने की अपील और पुनर्वास का भरोसा
नक्सलवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार किसी के खिलाफ युद्ध नहीं चाहती, लेकिन आदिवासी बच्चों के भविष्य को बारूद से बचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की और छत्तीसगढ़ के ‘आकर्षक पुनर्वास पैकेज’ का हवाला दिया। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 2500 से अधिक लोग हथियार छोड़कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा गया, तो सुरक्षा बल हथियार का जवाब हथियार से देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
5 साल का रोडमैप: शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
बस्तर के भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए शाह ने वादा किया कि अगले 5 वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनेगा। उन्होंने घोषणा की कि:
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हर 5 किलोमीटर के दायरे में पोस्ट ऑफिस की सुविधा होगी।
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दिसंबर तक हर घर को बिजली के कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
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प्रत्येक जनजातीय नागरिक को 5 किलो मुफ्त चावल और गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
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बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया जाएगा और गाँव-गाँव में अस्पताल व सड़कें बनाई जाएंगी।
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कई दशकों बाद ऐसे गाँवों में तिरंगा फहराया जाएगा जहाँ पहले नक्सलियों का कब्जा था।
इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने बस्तर की इस नई सुबह का स्वागत किया।
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