रायपुर @thetarget365 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आयोजित बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित किया। इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि बस्तर पंडुम उत्सव को अगले वर्ष 12 श्रेणियों में मनाया जाएगा और देशभर के आदिवासी कलाकार इसमें भाग लेंगे। साथ ही, सभी देशों के राजदूतों को बस्तर आमंत्रित कर यहां की परंपरा, कला और संस्कृति से परिचित कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपदों के 47 हजार कलाकारों ने इस उत्सव में भाग लिया है। राज्य सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। श्री शाह ने कहा कि यह उत्सव स्थानीय परंपराओं, शिल्प, गीत-संगीत, खानपान, वेशभूषा और रीति-रिवाजों के संरक्षण और संवर्धन में अहम भूमिका निभा रहा है।
गृह मंत्री ने बस्तर में हो रहे तेज विकास की सराहना करते हुए कहा कि पहले जहां गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां स्कूलों की घंटियां बज रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब बस्तर भय नहीं, बल्कि भविष्य का पर्याय बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नक्सली अब बस्तर के विकास को नहीं रोक सकते।
उन्होंने यह भी बताया कि जो गांव सभी नक्सलियों को सरेंडर करवा देंगे, उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से ‘नक्सलवाद मुक्त’ घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विकास राशि दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह अपील की कि हर गांव में सभा बुलाकर नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जाए।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने केवल नारे दिए, लेकिन मोदी सरकार ने वास्तव में गरीबों के जीवन में बदलाव लाया है। बीते 10 वर्षों में 4 करोड़ से ज्यादा घर, 11 करोड़ गैस कनेक्शन, 12 करोड़ शौचालय, 15 करोड़ जल कनेक्शन, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 70 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया गया।
नक्सलवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब तक 2025 में 521 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, जबकि 2024 में कुल 881 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो हथियार छोड़कर लौटना चाहते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बल सख्ती से कार्रवाई करेंगे।
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर से अब बैरिस्टर, डॉक्टर, कलेक्टर और सब-इंस्पेक्टर बनेंगे। युवाओं को कंप्यूटर और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग और राष्ट्रीय बाज़ारों में पहचान दिलाने की भी बात कही।
अंत में अमित शाह ने सभी नागरिकों से अपील की कि निडर होकर, निष्ठा से विकास के मार्ग पर चलें, क्योंकि मोदी जी के शासन में किसी को डरने की जरूरत नहीं है। बस्तर अब नक्सलवाद की नहीं, विकास और सांस्कृतिक गौरव की मिसाल बनेगा।