Assam Politics
Assam Politics : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के शासनकाल की तुलना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक ओर भाजपा है, जिसने पिछले 10 वर्षों में असम को आतंकवाद और उग्रवाद के काले साये से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी का वह दौर था, जब राज्य के हर कोने में गोलीबारी और बम धमाके आम बात थे। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तुष्टीकरण और ढुलमुल नीतियों के कारण असम के सैकड़ों निर्दोष युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी और राज्य विकास की दौड़ में पिछड़ गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने शांति बहाली के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सरकार ने विभिन्न विद्रोही समूहों के साथ कई शांति समझौते किए हैं। इन समझौतों का ही परिणाम है कि आज असम के लगभग 10 हजार युवाओं ने हिंसा का रास्ता त्याग कर अपने हथियार डाल दिए हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि इन युवाओं को अब बेहतर भविष्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जो पहले कभी संभव नहीं था।
शाह ने अपने संबोधन में असम की बदलती सुरक्षा स्थितियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले असम का अधिकांश हिस्सा सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत आता था, जिसे अब राज्य के बड़े हिस्से से हटा लिया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि असम अब शांति की राह पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुरानी सरकारों ने केवल अलगाववाद को बढ़ावा दिया, जबकि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ मानकर यहां बुनियादी ढांचे और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
गृह मंत्री ने रेखांकित किया कि जब तक राज्य में बम धमाके होते थे, तब तक कोई भी निवेशक असम आने को तैयार नहीं था। लेकिन आज, जब आतंकवाद का खात्मा हो चुका है, असम निवेश और पर्यटन का केंद्र बन रहा है। नई सड़कों, पुलों और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से राज्य की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार असम को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है और शांति की यह प्रक्रिया भविष्य में भी अटूट रहेगी।
शांति बहाली के साथ-साथ अमित शाह ने सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में सीमाएं असुरक्षित थीं और घुसपैठ को राजनीतिक लाभ के लिए संरक्षण दिया जाता था। भाजपा सरकार ने न केवल सीमाओं को सुरक्षित किया है, बल्कि घुसपैठियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे असम की इस शांति और अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के हाथों को और मजबूत करें।
अपने भाषण के समापन में अमित शाह ने कहा कि असम की जनता के पास दो विकल्प हैं—एक तरफ हिंसा, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था वाली कांग्रेस है, और दूसरी तरफ विकास, शांति और सुरक्षित भविष्य वाली भाजपा है। उन्होंने विश्वास जताया कि असम के लोग विकास की इस निरंतरता को चुनेंगे। शाह का यह बयान पूर्वोत्तर में भाजपा की चुनावी रणनीति को स्पष्ट करता है, जहां ‘शांति और विकास’ को सबसे बड़ा हथियार बनाकर विपक्ष पर हमला बोला जा रहा है।
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