Amit Shah Yamuna Cleanup : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर बड़ा दावा किया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को द्वारका में करीब 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यमुना शुद्धिकरण का 40 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। शाह ने भरोसा जताया कि सरकार नदी को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है और वर्ष 2029 में यमुना को निर्मल बनाने के संकल्प के साथ जनता के सामने आएगी।
दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने बनाया संयुक्त रोडमैप
अमित शाह ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने मिलकर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की है। उनके मुताबिक, नदी में प्रदूषण कम करने के लिए तीनों राज्यों के बीच समन्वय आवश्यक है। यमुना का प्रदूषण केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, इसलिए इसके समाधान के लिए साझा प्रयासों और योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
मोदी सरकार ने यमुना सफाई के लिए की थी व्यापक बैठक
गृह मंत्री ने बताया कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को लेकर व्यापक बैठक की थी। शाह के अनुसार, इस बैठक में नदी को स्वच्छ बनाने की योजना दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के सामने रखी गई थी। उन्होंने कहा कि यमुना शुद्धिकरण के साथ-साथ गंदे पानी के शोधन और पेयजल से संबंधित परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज को रोकना बड़ी चुनौती
अमित शाह ने कहा कि पहले हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला अपशिष्ट पानी और उत्तर प्रदेश से आने वाला गंदा पानी भी यमुना में पहुंचता था। उन्होंने बताया कि नदी को साफ रखने के लिए इन स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना जरूरी है। शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली के सीवेज का पानी पिछले 30 वर्षों से यमुना में छोड़ा जाता रहा है।
डेयरियों से निकलने वाले प्रदूषकों पर भी ध्यान देने की जरूरत
गृह मंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए केवल सीवेज का उपचार करना पर्याप्त नहीं है। डेयरियों से निकलने वाले गोबर और अन्य प्रदूषकों को भी नदी में जाने से रोकना होगा। उनके मुताबिक, नदी में गंदगी पहुंचने के रास्तों की पहचान कर उन पर नियंत्रण करना शुद्धिकरण अभियान का अहम हिस्सा है। हालांकि, सफाई के वास्तविक परिणामों का आकलन नदी के पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण के स्तर में आने वाले बदलाव से ही किया जा सकेगा।
कूड़े के पहाड़ों को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना
अमित शाह ने दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों के मुद्दे पर भी आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को घेरा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार इन कूड़े के ढेरों को कम करने के लिए काम कर रही है और दो साल बाद इन स्थानों पर बगीचे दिखाई देंगे। शाह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने आंदोलन के नाम पर सत्ता हासिल की, लेकिन जनता की समस्याओं का समाधान करने में अपेक्षित काम नहीं किया।
कांग्रेस पर ईवीएम और वोट चोरी के मुद्दों को लेकर हमला
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद ईवीएम और वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमजोर चुनावी प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले भी दिखाई देता रहा है। शाह ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह देश की जनता के बीच रहते हैं और उन्हें हर छह महीने में विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
स्वतंत्रता सेनानी और सहकारिता आंदोलन के नेताओं को किया याद
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी अशफाक उल्ला खां और सहकारी आंदोलन से जुड़े त्रिभुवनदास पटेल सहित अन्य व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि भी दी। उनके संबोधन में यमुना की सफाई, दिल्ली की नागरिक सुविधाओं और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख रहा। अब यमुना शुद्धिकरण परियोजनाओं की प्रगति और उनके परिणामों पर नजर रहेगी। नदी की वास्तविक स्थिति का आकलन सीवेज शोधन, प्रदूषण के स्तर और पानी की गुणवत्ता में दर्ज सुधार के आधार पर किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
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