Population Policy
Population Policy : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की जनसांख्यिकी को संतुलित करने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि राज्य में आबादी को बढ़ाने के उद्देश्य से अब सरकार परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। नए नियमों के मुताबिक, यदि राज्य का कोई परिवार तीसरा बच्चा पैदा करता है, तो उसे सरकार की तरफ से 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इतना ही नहीं, अगर परिवार में चौथा बच्चा पैदा होता है, तो यह वित्तीय सहायता बढ़कर 40 हजार रुपये हो जाएगी। मुख्यमंत्री नायडू ने यह ऐतिहासिक ऐलान श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेटा में आयोजित एक जनसभा के दौरान किया। इससे पहले मार्च 2025 में भी मुख्यमंत्री ने विधानसभा में संकेत दिए थे कि सरकार दूसरा बच्चा पैदा करने वाले जोड़ों को 25 हजार रुपये देने पर विचार कर रही है। अब सरकार ने अपने पुराने रुख को बदलते हुए तीसरे और चौथे बच्चे पर भी नकद प्रोत्साहन देने का अंतिम फैसला कर लिया है।
आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए इस अभूतपूर्व और लीक से हटकर फैसले के पीछे सबसे मुख्य और वैज्ञानिक वजह राज्य का लगातार गिरता हुआ टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) है। देश के आधिकारिक स्वास्थ्य और जनसांख्यिकी आंकड़ों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश का कुल प्रजनन दर (TFR) इस समय चिंताजनक रूप से घटकर महज 1.50 के स्तर पर पहुंच गया है। जनसांख्यिकी विशेषज्ञों और संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुसार, किसी भी क्षेत्र या देश की आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए रिप्लेसमेंट लेवल टीएफआर का कम से कम 2.1 होना अनिवार्य माना जाता है। इसका सीधा और साफ मतलब यह है कि आंध्र प्रदेश में अब नए बच्चों का जन्म पुरानी पीढ़ी के मुकाबले बहुत कम हो रहा है, जिससे राज्य की कुल आबादी आने वाले समय में तेजी से घटने की कगार पर पहुंच चुकी है।
आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए सांख्यिकीय आंकड़ों के विश्लेषण से एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आती है। साल 2011 की जनगणना के समय राज्य में 14 साल से कम उम्र के बच्चों की कुल हिस्सेदारी आबादी में 25 प्रतिशत दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह आंकड़ा साल 2036 तक घटकर सिर्फ 15 फीसदी के बेहद निचले स्तर पर रह जाएगा। इसके ठीक विपरीत, राज्य में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों की आबादी, जो वर्तमान में कुल जनसंख्या की 10 प्रतिशत है, वह आने वाले वर्षों में बढ़कर 19 फीसदी हो जाएगी। अनुमानों की मानें तो साल 2047 तक आंध्र प्रदेश में बुजुर्गों का यह आंकड़ा कुल आबादी के 23 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे राज्य पर सामाजिक सुरक्षा का बोझ बढ़ेगा।
वर्तमान समय में आंध्र प्रदेश की जनसंख्या की औसत उम्र (Median Age) करीब 32.5 साल है, जो कि भारत की राष्ट्रीय औसत उम्र 28 साल से काफी अधिक है। इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि देश के अन्य राज्यों के मुकाबले आंध्र प्रदेश बहुत तेजी से बूढ़ा हो रहा है। जनसांख्यिकी के जानकारों ने चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान में चल रहा यह ट्रेंड इसी तरह लगातार जारी रहा, तो साल 2040 के बाद राज्य के पास उद्योगों, खेती और विकास कार्यों को संभालने वाले कामकाजी युवाओं की भारी कमी हो जाएगी। युवाओं की कमी के कारण राज्य की आर्थिक प्रगति पूरी तरह से ठप हो सकती है। इसी दूरगामी आर्थिक और सामाजिक संकट से आंध्र प्रदेश को बचाने के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने समय रहते यह बड़ा कदम उठाया है ताकि राज्य में युवाओं और बच्चों की संख्या को फिर से बढ़ाया जा सके।
Read More: IPL Schedule Change : ईंधन संकट से आईपीएल पर असर, मैचों का शेड्यूल बदलने की मांग तेज
Qin Shi Huang Tomb : चीन की धरती के नीचे एक ऐसा विशाल और भव्य…
Singapore Open 2026 : सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष डबल्स इवेंट से…
Abhishek Banerjee Attack : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव…
Delhi Building Collapse : राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर…
Korba News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी प्रशासनिक…
China Nuclear Expansion : चीन अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता को मजबूत…
This website uses cookies.