Anuppur building collapse : मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। अनूपपुर के कोतमा नगर स्थित बस स्टैंड के पास शनिवार की शाम एक तीन मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे के नीचे कई अन्य लोगों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

अग्रवाल लॉज की इमारत जमींदोज: अफरा-तफरी का माहौल
यह दर्दनाक हादसा कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 में स्थित प्रसिद्ध अग्रवाल लॉज (होटल) की बिल्डिंग में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम जब बाजार में चहल-पहल थी, तभी अचानक जोर का धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी इमारत धूल के गुबार में तब्दील हो गई। इमारत गिरते ही आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में भगदड़ मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त बिल्डिंग के अंदर कई लोग मौजूद थे। मलबे का ढेर इतना विशाल है कि फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है, हालांकि अनुमान है कि 5 से 6 लोग अभी भी मलबे के नीचे हो सकते हैं।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन: दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगर पालिका की टीम और जिला प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचा। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे को हटाना शुरू किया और अब तक दो लोगों को चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। राहत कार्य में तेजी लाने के लिए नगर पालिका ने कई जेसीबी मशीनों और गैस कटर का सहारा लिया है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य मलबे में फंसे शेष 4-5 लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है।
प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात: एसपी और तहसीलदार संभाल रहे कमान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोती उर रहमान स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरी बचाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ कोतमा तहसीलदार दशरथ सिंह, थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला और नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं। एसपी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्राथमिकता जिंदगियां बचाने की है और इसके लिए हर संभव तकनीकी मदद ली जा रही है। मौके पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि एम्बुलेंस और जेसीबी के आवागमन में कोई बाधा न आए।
हादसे का संभावित कारण: बगल में चल रहा निर्माण कार्य बना काल?
बिल्डिंग गिरने के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि अग्रवाल लॉज की पुरानी इमारत के ठीक बगल में एक नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नई बिल्डिंग के लिए की गई गहरी अंडरग्राउंड खुदाई के कारण पुरानी इमारत की नींव कमजोर हो गई थी। शनिवार शाम नींव ने पूरी तरह साथ छोड़ दिया और यह बड़ा हादसा हो गया। प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल पूरे कोतमा नगर में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।

















