भैयाथान @thetarget365 सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई महीने से बिजली की लचर व्यवस्था से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली गुल और लो वोल्टेज की समस्या से परेशानी लगातार बढ़ रही है। शिकायतों के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है। लो वोल्टेज सहित बार-बार बिजली कट होने की समस्या पर शिकायतों के बाद भी विभाग के अधिकारियों द्वारा अनदेखी की जा रही है।
भैयाथान मुख्यालय के अलावा ग्रामीण अंचल में बिजली गुल रहने की समस्या को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश पनप रहा है। शहरी क्षेत्र में भी बिजली की घंटों तक कटौती कर दी जा रही है। वहीं, जब बिजली बंद रहने की जानकारी के लिए उपभोक्ता विभागीय अधिकारी को फोन लगाते हैं तो अधिकारी फॉल्ट होने का कारण बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। पिछले कई महीनो से ग्रामीण क्षेत्र में सुबह और देर रात को घंटों तक बिजली बंद कर दी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी
उपभोक्ता प्रीतम दुबे, मनीष यादव श्याम साहू, भगवान दास, हीरालाल सिंह ने कहा कि बार-बार बिजली गुल और लो वोल्टेज की समस्या सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में हो रही है। दिन में कई बार बिजली गुल की जा रही है। ग्रामीण अंचल में बिजली गुल का सिलसिला सुबह से शुरू होकर आधी रात तक जारी रहता है। 24 घंटे में 24 बार से अधिक बिजली कट की समस्या बनी रहती है। जिम्मेदार अधिकारी कहते है कि फाल्ट आया है, मरम्मत जारी है। लेकिन लोगों की शिकायत है कि मेंटनेस के बाद भी क्यों बिजली गुल हो जाती है। विभाग को बताना चाहिए कि आखिर वो कब मेंटनेंस नहीं करते है। थोड़ी बारिश हो जाने पर भी बिजली गुल हो जाती है। ब्लॉक मुख्यालय हो या गांव 24 घंटे बिजली सप्लाई करने के बिजली कंपनी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। थोड़ी बारिश या फिर लाइटनिंग भी हो जाए तो बिजली गुल हो जाती है। बड़ी बात ये है कि अगर मौसम ठीक भी रहे तो फाल्ट के कारण लाइट गुल करने की बात कही जाती है।
कटौती से ब्लॉक मुख्यालय के लोग भी हैं हलाकान
बीते कई महीनो से लोकल फॉल्ट सहित 33 व 11 केवी के फॉल्ट होने के चलते ब्लॉक मुख्यालय सहित आसपास के गांव में भी घंटो बिजली कटौती रहती है। तो वहीं केवरा फीडर सहित दूर दराज के गांव मोहल्लों में तो 12-12 घंटे बिजली गुल रहती है। रात में बिजली गुल होने से लोग सड़क पर टहलते हुए रात बिताने को मजबूर हो रहे है या विद्युत विभाग के ग्रुप में अपना आक्रोश निकलते हैं। कभी-कभी तो हालत यह हो जाती है कि लोगों के घरों के इनवर्टर चार्ज तक नहीं हो पाते और टंकियों में पानी न होने से लोगों को रोजमर्रा के कार्य करने में परेशानी हो रही है। लंबी कटौती से लोगों के मोबाइल भी डिस्चार्ज हो जाते हैं।
विद्युत गुल होना वर्तमान में आम बात हो गई है। विभाग इसे संज्ञान लेकर तत्काल दुरुस्त करे। तभी जन मानस को राहत होगी। केवरा फीडर के लोड को कम करने के लिए लगभग दो वर्ष पूर्व बड़सरा में सब स्टेशन की मांग की गई थी जिसे संज्ञान में लेते हुए विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कर तत्काल प्रस्ताव बनाकर उच्च कार्यालय भेजा गया था। जिसे अति शीघ्र चालू किया जाए। यही क्षेत्र के लिए स्थाई समाधान होगा। तभी विद्युत की परेशानी समाप्त होगी।
सुनील साहू
जनपद सदस्य बड़सरा
जेई समय लाल बंजारे का कहना है कि निर्धारित शेड्यूल के तहत 18 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। फॉल्ट होने के चलते ही सप्लाई बाधित होती है। रात्रि में फॉल्ट होने से फॉल्ट नही बन पाते क्योंकि कर्मचारी घर चले जाते हैं। केवरा फीडर में अधिक लोड के कारण फॉल्ट की समस्या बनी रहती है रात्रि में फॉल्ट होने पर केवरा के आगे से काट दिया जाता है। सुबह तत्काल मरम्मत कर सप्लाई चालू करा दी जाती है।