Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से 60 किलोमीटर तक भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ किए जाने की खबरों को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार, 19 अगस्त को इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि सीमा से जुड़ी समस्या जरूर है, लेकिन इसे सीधे तौर पर चीनी कब्जे या घुसपैठ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य समस्या सीमा के उचित सीमांकन से जुड़ी हुई है।
सीमा विवाद को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता जायज
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। सीमा का स्पष्ट निर्धारण नहीं होने के कारण कुछ इलाकों को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी संवेदनशील जानकारी को बिना पुष्टि के साझा करने से बचना चाहिए।
रिजिजू ने फर्जी खबरों को लेकर किया आगाह
न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में रिजिजू ने उन दावों पर आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावों के समर्थन में सोशल मीडिया पर गलत वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं। उनके मुताबिक, ऐसी सामग्री से लोगों के बीच भ्रम पैदा होता है और सीमा पर तैनात भारतीय जवानों तथा सुरक्षा बलों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।
सीमांकन नहीं होने से कुछ क्षेत्रों पर चीन का दावा
रिजिजू ने कहा कि कुछ इलाकों को लेकर चीन की ओर से दावा किए जाने की वजह सीमा का स्पष्ट सीमांकन नहीं होना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि चीन ने किसी भारतीय गांव पर कब्जा कर लिया है। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कुछ क्षेत्रों को लेकर दावे और मतभेद हैं, लेकिन इन्हें भारतीय गांव पर कब्जे के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
गलत तस्वीरों से फैल रहा भ्रम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर दूसरे देशों या अलग-अलग स्थानों की तस्वीरों और वीडियो को अरुणाचल प्रदेश से जोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने इस तरह की सूचनाओं को गलत बताते हुए कहा कि ऐसी सामग्री से देश में अनावश्यक भ्रम पैदा होता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा से संबंधित संवेदनशील मामलों में बिना सत्यापन के जानकारी प्रसारित करना उचित नहीं है।
भारत ने सीमा पर बढ़ाई सुरक्षा
रिजिजू के अनुसार, भारत ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाई है। सरकार का कहना है कि सीमा की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं और सुरक्षा बल हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
27 स्थानों के नामों को लेकर भी अहम फैसला
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शों में मानक नामों से दर्ज करने का निर्णय लिया है। यह कदम चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिए अपने मनमाने नाम इस्तेमाल करने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।
अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा
भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने भी कई मौकों पर कहा है कि इस तथ्य को कोई भी कदम बदल नहीं सकता। भारत का रुख है कि सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के व्यापक संबंधों के लिए जरूरी है।
सीमा की स्थिति का असर द्विपक्षीय रिश्तों पर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी हालिया मीडिया ब्रीफिंग में अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया था। उन्होंने कहा कि यह एक स्पष्ट और निर्विवाद वास्तविकता है। भारत का मानना है कि सीमा पर शांति और स्थिरता का सीधा असर भारत-चीन के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार अब सुरक्षा के साथ-साथ गलत सूचनाओं पर भी नजर बनाए हुए है।
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