Asansol Election Violence
Asansol Election Violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर ऐतिहासिक 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। शांतिपूर्ण मतदान के दावों के बीच, चुनाव संपन्न होने के मात्र दो दिन बाद पश्चिम बर्दवान के आसनसोल से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक कांग्रेस समर्थक, देवदीप चटर्जी की घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने राज्य में चुनावी हिंसा की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है और इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मृतक के पार्थिव शरीर के साथ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इस जघन्य हत्याकांड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ हमलावरों ने देवदीप को उनके घर के गेट के पास घेर रखा है। हमलावरों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। फुटेज में एक महिला भी नजर आ रही है, जो बीच-बचाव की कोशिश करती दिख रही है, लेकिन हमलावर पूरी तरह बेखौफ होकर देवदीप को बेरहमी से पीटते रहे। शुक्रवार रात हुए इस हमले के बाद शनिवार सुबह अस्पताल में देवदीप ने दम तोड़ दिया।
मृतक देवदीप चटर्जी उसी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में रहते थे, जिसके सचिव कांग्रेस उम्मीदवार प्रोसेनजीत पुइतांडी हैं। देवदीप ने चुनाव के दौरान प्रोसेनजीत के प्रचार अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि यह एक राजनीतिक हत्या है। पार्टी का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने देवदीप को केवल इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े थे और सक्रिय रूप से पार्टी का काम कर रहे थे।
कांग्रेस उम्मीदवार प्रोसेनजीत पुइतांडी (शंकुदा) ने घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया कि शुक्रवार रात देवदीप अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में कुछ युवकों के समूह के साथ सड़क पर वाहन चलाने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख देवदीप ने अपने परिवार को घर के अंदर भेजा। जब युवकों ने उन्हें डराना शुरू किया, तो देवदीप ने कहा कि वह अपने नेता “शंकुदा” को बुलाएंगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रोसेनजीत का नाम सुनते ही हमलावर आगबबूला हो गए और उन्होंने देवदीप पर जानलेवा हमला कर दिया।
देवदीप की पत्नी ने इस मामले में आसनसोल पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावर स्थानीय तृणमूल पार्षद अनिमेष दास के करीबी हैं। हालांकि, इन आरोपों पर सफाई देते हुए पार्षद अनिमेष दास ने कहा कि वे वर्तमान में आसनसोल से बाहर हैं और उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
इस घटना के बाद आसनसोल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कांग्रेस ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे पूरे जिले में आंदोलन करेंगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। बंपर वोटिंग के बाद हुई इस हत्या ने बंगाल की राजनीति में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में शांति बनाए रखना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
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