Ashutosh Ranka : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की मांग को लेकर आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई नेता तथा समर्थक भी मौजूद रहे। विपक्षी नेताओं की मांग थी कि उन्हें चुनाव आयोग के अधिकारियों से सीधे बातचीत का अवसर दिया जाए।
पुलिस ने राहुल गांधी-प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया
आकाशवाणी भवन परिसर में कई घंटे तक धरना जारी रहने के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भी मौके पर मौजूद थे। इससे पहले विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च करने से रोका गया था, जिसके बाद प्रदर्शनकारी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए थे।
आशुतोष रांका ने सरकार पर उठाए सवाल
इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सरकार और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। रांका ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था नहीं है।
राहुल-प्रियंका का वीडियो भी किया शेयर
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर आकाशवाणी भवन परिसर का एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अन्य विपक्षी नेता एक पेड़ के नीचे बैठे नजर आए। रांका ने इस वीडियो के जरिए चुनाव आयोग से विपक्षी नेताओं की मुलाकात को लेकर सवाल उठाया और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
संसद मार्ग से चुनाव आयोग तक निकाला गया मार्च
इससे पहले इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाला था। विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करना चाहते हैं। हालांकि, पुलिस ने मार्च को रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में लिया गया।
आकाशवाणी भवन में पेड़ के नीचे बैठे राहुल गांधी
मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश करते हुए आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों नेताओं ने वहां एक पेड़ के नीचे बैठकर धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कांग्रेस और विपक्षी दलों के अन्य नेता भी मौजूद रहे। यह धरना कई घंटे तक जारी रहा।
राहुल गांधी ने लोकतंत्र को लेकर उठाया सवाल
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसदों को पहले रोका गया और बाद में उन्हें आकाशवाणी भवन परिसर में बैठा दिया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का कार्यालय वहां से बहुत नजदीक है, लेकिन उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधि चुनाव आयोग से मुलाकात नहीं कर सकते तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाता है।
ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग पर जोर
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि बड़ी संख्या में सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव आयोग तक जाने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराना है और विपक्षी सांसद अपने सवालों को आयोग के सामने रखना चाहते हैं।
कई घंटे बाद खत्म हुआ धरना
आकाशवाणी भवन परिसर में करीब आठ घंटे तक धरना देने के बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चुनाव आयोग, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए गए। हिरासत के बाद अब इस राजनीतिक टकराव पर आगे की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।
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