Asian Games 2026 Doping: आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के दौरान डोपिंग का पहला मामला सामने आया है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। थाईलैंड की महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पिचामोन ओपात्निपुथ के सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ फ्यूरोसेमाइड पाया गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद खिलाड़ी को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
नागोया में प्रतियोगिता से बाहर लिया गया था सैंपल
OCA के अनुसार, पिचामोन ओपात्निपुथ का सैंपल 17 सितंबर को नागोया में प्रतियोगिता से बाहर किए गए डोपिंग कंट्रोल के दौरान लिया गया था। इस टेस्ट के विश्लेषण में फ्यूरोसेमाइड की मौजूदगी पाई गई। यह एशियन गेम्स 2026 में अब तक सामने आया पहला डोपिंग मामला है। मामले की प्रक्रिया विश्व एंटी-डोपिंग नियमों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
पिचामोन ने अभी तक किसी मुकाबले में नहीं लिया हिस्सा
OCA के बयान के मुताबिक, थाई बैडमिंटन खिलाड़ी ने एशियन गेम्स 2026 में अभी तक किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है। उनका मंगलवार को महिला टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खेलने का कार्यक्रम था। हालांकि, अस्थायी निलंबन लागू होने के बाद वह अब इस मुकाबले या खेलों से जुड़ी किसी अन्य गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगी।
फ्यूरोसेमाइड WADA की प्रतिबंधित सूची में शामिल
फ्यूरोसेमाइड एक डाइयुरेटिक यानी मूत्रवर्धक पदार्थ है। OCA के अनुसार, इसे विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में S5 डाइयुरेटिक्स और मास्किंग एजेंट के रूप में शामिल किया गया है। यह पदार्थ प्रतियोगिता के दौरान ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिता से बाहर भी प्रतिबंधित रहता है। इसे WADA के नियमों के तहत ‘स्पेसिफाइड सब्सटेंस’ की श्रेणी में रखा गया है।
वजन कम करने के लिए हो सकता है इस्तेमाल
फ्यूरोसेमाइड शरीर से पानी बाहर निकालने का काम करता है। खेलों में इस तरह के पदार्थ का इस्तेमाल तेजी से शरीर का वजन घटाने के लिए किए जाने की संभावना बताई जाती है। इसके अलावा डाइयुरेटिक्स का इस्तेमाल कुछ प्रतिबंधित पदार्थों की मौजूदगी को छिपाने के लिए भी किया जा सकता है। हालांकि, पिचामोन के मामले में इस पदार्थ के पाए जाने की परिस्थितियों और कारणों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित एंटी-डोपिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
खिलाड़ी को तत्काल अस्थायी निलंबन
OCA ने बताया कि खिलाड़ी को डोपिंग मामले की जानकारी दे दी गई है। वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड और OCA के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत मामले का समाधान होने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। इस अवधि में पिचामोन एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 की किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकतीं।
ट्रेनिंग और अन्य गतिविधियों पर भी रोक
अस्थायी निलंबन का दायरा केवल आधिकारिक मुकाबलों तक सीमित नहीं है। OCA के अनुसार, निलंबन लागू रहने के दौरान खिलाड़ी प्रशिक्षण, कोचिंग या खेलों से जुड़ी किसी अन्य गतिविधि में भी भाग नहीं ले सकतीं। यानी मामले का अंतिम समाधान होने तक उनकी एशियन गेम्स में खेल संबंधी सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।
खिलाड़ी के पास चुनौती देने का अधिकार
इस मामले में पिचामोन ओपात्निपुथ को अपने अस्थायी निलंबन को चुनौती देने का अधिकार दिया गया है। वह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) के एंटी-डोपिंग डिवीजन के समक्ष अपनी बात रख सकती हैं। इसके अलावा उन्हें अपने बी-सैंपल के विश्लेषण का अनुरोध करने का भी अधिकार है।
B-सैंपल से आगे बढ़ सकती है प्रक्रिया
एंटी-डोपिंग मामलों में खिलाड़ी के पास बी-सैंपल की जांच कराने का विकल्प होता है। यदि खिलाड़ी इस अधिकार का इस्तेमाल करती हैं, तो आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार चलेगी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों, परीक्षण परिणामों और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले का समाधान किया जाएगा। फिलहाल पिचामोन का अस्थायी निलंबन प्रभावी है और अंतिम निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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