Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन का पुरुष सिंगल्स अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया। शनिवार को खेले गए मुकाबले में सेन को सिंगापुर के लोह कीन यू के खिलाफ तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी ने मैच की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की, लेकिन सिंगापुर के शटलर ने लगातार शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया।
शानदार शुरुआत के बाद पिछड़े सेन
लक्ष्य सेन ने पहले गेम में बेहद आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती कुछ रैलियों में 5-1 की बढ़त बना ली। हालांकि, इसके बाद लोह कीन यू ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार 10 अंक हासिल करते हुए मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। इंटरवल तक सिंगापुर के खिलाड़ी ने 11-5 की बढ़त हासिल कर ली थी। सेन इसके बाद वापसी नहीं कर सके और लोह ने पहला गेम 21-12 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में सेन ने की जबरदस्त वापसी
पहले गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय शटलर ने दूसरे गेम में अपने खेल में सुधार किया। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और लगातार अंक हासिल करने की कोशिश होती रही। सेन ने धीरे-धीरे अपनी लय हासिल की और रैलियों में आक्रामकता बढ़ाई। गेम के अंतिम चरण में उन्होंने दबाव बनाए रखा और 21-15 से गेम जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक गेम में लोह ने बनाई बढ़त
तीसरे और निर्णायक गेम में लोह कीन यू ने फिर तेज शुरुआत की। सिंगापुर के खिलाड़ी ने शुरुआती बढ़त बनाते हुए स्कोर 8-3 कर लिया। लक्ष्य सेन ने हार नहीं मानी और लगातार अंक जुटाकर अंतर कम किया। भारतीय खिलाड़ी ने स्कोर को 13-14 तक पहुंचाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। इस समय ऐसा लग रहा था कि सेन एक बार फिर वापसी कर सकते हैं।
अंतिम चरण में सिंगापुर के खिलाड़ी का दबदबा
निर्णायक गेम के महत्वपूर्ण मोड़ पर लोह कीन यू ने अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने लगातार कुछ अहम अंक हासिल किए और बढ़त को 18-14 तक पहुंचा दिया। इसके बाद सेन के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया। लोह ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह तीन गेम के मुकाबले में लक्ष्य सेन को हार मिली और उनका एशियन गेम्स अभियान समाप्त हो गया।
लक्ष्य सेन के बाहर होने से भारत को झटका
लक्ष्य सेन का टूर्नामेंट से बाहर होना भारतीय बैडमिंटन टीम के लिए एक बड़ा झटका है। इससे पहले पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी के अप्रत्याशित रूप से बाहर होने से भी भारतीय दल को नुकसान हुआ था। अब पुरुष बैडमिंटन में भारत की उम्मीदें अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर रहेंगी।
पीवी सिंधु से पदक की उम्मीद
लक्ष्य सेन के बाहर होने के बीच दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु पर भी भारतीय प्रशंसकों की नजरें रहेंगी। सिंधु एशियन गेम्स 2026 में महिला सिंगल्स अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि वह अपने अनुभव और बड़े टूर्नामेंटों में प्रदर्शन के दम पर मजबूत चुनौती पेश करेंगी।
भारतीय बैडमिंटन अभियान की चुनौती जारी
एशियन गेम्स में बैडमिंटन स्पर्धाओं के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ रहा है। लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में वापसी कर मुकाबले को निर्णायक चरण तक पहुंचाया, लेकिन तीसरे गेम में लोह कीन यू ने बेहतर नियंत्रण दिखाया। सेन की हार के बाद अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें बाकी खिलाड़ियों के मुकाबलों और खास तौर पर पीवी सिंधु के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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