Asian Games Squash : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने लगातार दूसरे दिन अपनी कार पर हमले का आरोप लगाया है। रविवार को कोलकाता के फूलबागान-बेलियाघाटा इलाके में एक कार्यक्रम में जाते समय उनकी कार को बाइक सवार लोगों ने घेर लिया। घोष के अनुसार, हमलावरों ने हथौड़े से कार का शीशा तोड़ा और उन्हें वाहन से बाहर खींचने की कोशिश की। घटना के बाद वह सुरक्षा कारणों से नारकेलडांगा थाने पहुंचे।
हथियार दिखाने और कार रोकने का विधायक ने लगाया आरोप
कुणाल घोष का दावा है कि करीब 15 से 20 बाइक सवार लोग उनका पीछा कर रहे थे। फूलबागान के पास इन लोगों ने उनकी गाड़ी को घेरकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ हमलावर हथियारों से लैस थे और एक व्यक्ति ने बंदूक दिखाई। घोष के मुताबिक, उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकालकर हमलावरों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया। इसके बाद ड्राइवर किसी तरह कार को नारकेलडांगा थाने तक ले गया।
कुणाल घोष ने बीजेपी पर लगाया हमले का आरोप
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे बीजेपी से जुड़े लोग हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें निशाना बनाकर जान से मारने की कोशिश की गई। घोष ने पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
हमले के बाद कुणाल घोष क्षतिग्रस्त कार के साथ नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां उन्होंने सुरक्षा के लिए शरण ली और शिकायत की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों की ओर से हमले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए स्थानीय सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी जुटाने की बात सामने आई है। फिलहाल घटना की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर किसी संगठन पर तय नहीं हुई है।
शनिवार को उत्तरपाड़ा में भी हुई थी कार पर घटना
इस घटना से एक दिन पहले शनिवार को हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में भी कुणाल घोष की कार को निशाना बनाए जाने का आरोप सामने आया था। उस समय वह सेरमपुर में ममता बनर्जी की सभा में शामिल होने जा रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ ने उनकी कार को रोका और उस पर पत्थर तथा अंडे फेंके गए। वाहन के शीशे भी क्षतिग्रस्त हुए। हालांकि, उस घटना के लिए भी पुलिस ने तत्काल किसी पक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया था।
भवानी भवन पहुंचने पर नहीं मिली थी प्रवेश की अनुमति
शनिवार की घटना के बाद कुणाल घोष क्षतिग्रस्त कार लेकर कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देने की कोशिश की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही थी, जबकि प्रारंभिक स्तर पर घटना की प्रकृति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
बीजेपी ने आरोपों से किया इनकार
कुणाल घोष के आरोपों को बीजेपी ने खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि इस घटना के पीछे पार्टी का हाथ होने का आरोप गलत है। बीजेपी की ओर से घटना को टीएमसी के अंदरूनी विवाद से जोड़कर अलग दावा किया गया। इस तरह लगातार दो दिनों में हुई घटनाओं को लेकर टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कुणाल घोष पर हुए कथित हमले की निंदा की और इसे निर्वाचित प्रतिनिधि की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने तथा पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। अब इस मामले में पुलिस जांच के जरिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों घटनाओं में कौन लोग शामिल थे और उनके पीछे क्या कारण था।
Read More : LPU Controversy: अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR, DIG बोले-SIT भी बनेगी; यूनिवर्सिटी ने दावों को बताया झूठा