Assam Assembly Election
Assam Assembly Election: असम विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने नई दिल्ली में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में सीट बंटवारे का फॉर्मूला पूरी तरह तय हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के बीच सीटों के आवंटन को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस घोषणा के साथ ही असम की सियासत में नए समीकरण उभरकर सामने आए हैं, जिसका सीधा असर आने वाले मतदान पर पड़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) अब असम में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा नहीं है। यूपीपीएल पिछले पांच वर्षों से सरकार में सहयोगी थी, लेकिन अब वह स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि यूपीपीएल 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। गौरतलब है कि बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (BTC) क्षेत्र में यूपीपीएल और बीपीएफ एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी हैं। बीटीसी असम का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जिसमें विधानसभा की कुल 15 सीटें आती हैं। यूपीपीएल के बाहर जाने से बोडो बहुल इलाकों में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।
भले ही यूपीपीएल गठबंधन से अलग हो गई हो, लेकिन बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) एनडीए के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि भाजपा का गठबंधन बीपीएफ के साथ जारी रहेगा। बीपीएफ का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है; यह दल 2006 से कांग्रेस सरकारों का सहयोगी था और 2016 में भाजपा की पहली सरकार का भी हिस्सा रहा। बीच में कुछ दूरियां आने के बाद बीपीएफ ने फिर से भाजपा को समर्थन दिया था। इस बार के समझौते के तहत बीपीएफ को 11 सीटें आवंटित की गई हैं।
क्षेत्रीय शक्ति और भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी असम गण परिषद (AGP) को इस बार भी उतनी ही अहमियत दी गई है जितनी पिछले चुनावों में मिली थी। हिमंत विश्व शर्मा के अनुसार, अगप इस बार भी 26 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पिछले चुनाव में भी अगप ने इतनी ही सीटों पर किस्मत आजमाई थी। सीटों के इस वितरण से स्पष्ट है कि भाजपा अपने पुराने और विश्वसनीय सहयोगियों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है ताकि मतों का बिखराव न हो।
सीट शेयरिंग की घोषणा के बीच देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा असम और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाना है। मुख्यमंत्री शर्मा ने संकेत दिया कि संसदीय दल की बैठक के बाद जल्द ही उन विशिष्ट सीटों और उम्मीदवारों के नामों की सूची जारी कर दी जाएगी, जहाँ से गठबंधन के योद्धा चुनाव लड़ेंगे।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी बिगुल फूंका जा चुका है। राज्य में मतदान 9 अप्रैल 2026 को निर्धारित किया गया है। वहीं, वोटों की गिनती और परिणामों की घोषणा 4 मई 2026 को की जाएगी। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन अपनी विकास योजनाओं और ‘Double Engine’ सरकार के नैरेटिव के साथ जनता के बीच जाने को तैयार है। हालांकि, यूपीपीएल का अलग होना और बोडोलैंड क्षेत्र में बीपीएफ का प्रभाव इस चुनाव को काफी रोचक बना देगा।
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