Tips for Heatwave
Tips for Heatwave : अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूरज की तपिश और आसमान से बरसती आग के कारण सुबह 9-10 बजे के बाद घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। एसी और कूलर के बिना चैन नहीं है, और ऐसी स्थिति में हमारे शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। आयुर्वेद और योग गुरु स्वामी रामदेव के अनुसार, इस मौसम में केवल बाहरी ठंडक काफी नहीं है, बल्कि खान-पान में बदलाव कर शरीर को ‘अंदर’ से शीतल बनाए रखना अनिवार्य है।
चिलचिलाती गर्मी में प्यास बुझाने के लिए लोग अक्सर बाजार में मिलने वाले ठंडे सॉफ्ट ड्रिंक्स या कार्बोनेटेड बेवरेज का सहारा लेते हैं। हालांकि, ये ड्रिंक्स तात्कालिक राहत तो देते हैं, लेकिन शरीर को दीर्घकालिक नुकसान पहुँचाते हैं। इसके बजाय, आयुर्वेद में सत्तू, छाछ, लस्सी, शिकंजी, आम पना और गन्ने के रस को सर्वोत्तम माना गया है। ये प्राकृतिक पेय न केवल प्यास बुझाते हैं, बल्कि शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखते हैं। विशेष रूप से गन्ने का रस पीते समय ध्यान रखें कि इसे सुबह या शाम के वक्त ही लें, एकदम चिलचिलाती दोपहर में इसके सेवन से बचना चाहिए।
गर्मियों के मौसम में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, जिससे पेट खराब होना, फूड पॉइजनिंग और उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए हमेशा हल्का और सुपाच्य भोजन करें। अपनी डाइट में पानी से भरपूर फलों (जैसे तरबूज, खरबूजा) और ताजी सलाद को अधिक स्थान दें। पहनावे की बात करें तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। साथ ही, निर्जलीकरण (Dehydration) से बचने के लिए पानी की बोतल हमेशा अपने पास रखें।
जब बाहर हीटवेव चल रही हो, तो कुछ आयुर्वेदिक औषधियां ढाल की तरह काम करती हैं। बेल का शरबत पेट की गर्मी शांत करने के लिए रामबाण है। इसी तरह, गिलोय का जूस शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है, जबकि खस का शरबत और चंदनासव शरीर को प्राकृतिक ठंडक प्रदान करते हैं। अगर आप बार-बार धूप में जाते हैं, तो सेब का सिरका भी पानी में मिलाकर लेना फायदेमंद हो सकता है। ये चीजें न केवल लू से बचाती हैं, बल्कि गर्मी के कारण होने वाली घबराहट को भी दूर करती हैं।
हमारी रसोई में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो लू के थपेड़ों से रक्षा कर सकती हैं। धनिया और पुदीने का ताजा जूस शरीर के लिए ‘कूलेंट’ का काम करता है। दोपहर के भोजन में भुना हुआ जीरा और कच्चा प्याज शामिल करना लू से बचने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका है। नींबू पानी का नियमित सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है। इसके अलावा, शाम के समय सब्जियों का सूप पीना भी सेहत के लिए काफी गुणकारी साबित होता है।
अगर गर्मी के कारण शरीर बहुत ज्यादा तप रहा हो, तो कुछ प्राकृतिक थेरेपी बहुत काम आती हैं। पुराने समय से ही प्याज के रस को छाती पर मलना लू का सबसे सटीक इलाज माना गया है। इसके अलावा, इमली के पानी से हाथ-पैर के तलवों की मसाज करने से शरीर की बढ़ी हुई गर्मी बाहर निकल जाती है। यदि आप बहुत ज्यादा थकान महसूस कर रहे हैं, तो बर्फ के टुकड़ों से स्पाइन (रीढ़ की हड्डी) की हल्की मालिश करवाएं; यह नर्वस सिस्टम को शांत कर तुरंत शीतलता का अनुभव कराती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप इस भीषण गर्मी में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
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