Azamgarh Triple Murder : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में घर पर चल रही पूजा के दौरान हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी घटना में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, घर पहुंचे अरविंद सिंह ने पूजा में मौजूद पंडितों से कथित तौर पर आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद किया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की घटना सामने आई। घटना में अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की मौत हो गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल
SSP डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, घटना के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा और मौके पर मौजूद बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोली चलाई। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी अरविंद सिंह घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान अरविंद और उसके बेटे की भी मौत हो गई। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घर लौटते ही पूजा को देखकर नाराज हुआ अरविंद
जानकारी के मुताबिक, अरविंद सिंह के घर में पिछले तीन-चार दिनों से पूजा-पाठ चल रहा था। मंगलवार शाम घर में तीन पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता और बच्चे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि शाम करीब छह से सात बजे के बीच अरविंद बाजार से घर लौटा। घर में पूजा चलती देखकर उसने वहां मौजूद पंडितों से इसके बारे में जानकारी ली।
आधार कार्ड मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, पूजा को लेकर जानकारी लेने के बाद अरविंद कथित तौर पर पंडितों से उनका आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर उसकी पंडितों के साथ बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने के बाद घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान अरविंद द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालने और फायरिंग करने का आरोप है।
गोलीबारी में पत्नी और दो पंडितों की मौत
फायरिंग में अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों को गोली लग गई। तीनों गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। गोलियों की आवाज और अफरा-तफरी की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किस परिस्थिति में शुरू हुई और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
परिवार में पहले भी हो चुकी है हत्या
जांच के दौरान परिवार से जुड़ा पुराना विवाद भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह की कई साल पहले आपसी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद अरविंद कथित तौर पर मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
पत्नी कराना चाहती थी शांतिपाठ और पूजा
बताया जा रहा है कि अरविंद की पत्नी परिवार में शांति के लिए शांतिपाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करवाना चाहती थीं। दूसरी ओर, अरविंद इन धार्मिक आयोजनों का विरोध कर रहा था। इसी पारिवारिक मतभेद के बीच मंगलवार को घर में पूजा चल रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसी विरोध की वजह से विवाद इतना बढ़ा या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
पुलिस जांच में सामने आएंगे घटना के कारण
घटना के बाद पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर फायरिंग से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर की जाएगी। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज कर सकती है, ताकि फायरिंग से पहले हुए विवाद और उसके बाद की परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस का बयान
SSP डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस की गोलीबारी आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। पुलिस कार्रवाई में घायल अरविंद को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना में परिवार के सदस्यों और पूजा में शामिल लोगों की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
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