Balochistan Freedom
Balochistan Freedom: अमेरिका में निर्वासित जीवन बिता रहे बलूचिस्तान के कद्दावर नेता और बलूच अमेरिकन कांग्रेस (BAC) के अध्यक्ष डॉ. तारा चंद ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक ऐतिहासिक अपील की है। उन्होंने वैश्विक मंच पर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब अमेरिका को दक्षिण एशिया में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए। डॉ. तारा चंद ने वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा की गई हालिया सख्त कार्रवाई का हवाला देते हुए मांग की है कि जिस तरह वहां के लोगों को तानाशाही से मुक्ति दिलाई गई, उसी तरह बलूचिस्तान के उत्पीड़ित लोगों को भी पाकिस्तानी सैन्य शासन के चंगुल से आजाद कराया जाए।
डॉ. तारा चंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर राष्ट्रपति ट्रंप का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वेनेजुएला के शासक निकोलस मादुरो और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के बीच समानताएं गिनाईं। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह मादुरो ने वेनेजुएला के प्राकृतिक संसाधनों को चीन के हाथों लूटने के लिए छोड़ दिया, ठीक वही काम जनरल मुनीर बलूचिस्तान में कर रहे हैं। बलूचिस्तान के पास विशाल खनिज संपदा और रणनीतिक समुद्री संसाधन हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सेना कथित तौर पर चीन और अन्य विदेशी शक्तियों को बेचकर मुनाफा कमा रही है, जबकि स्थानीय लोग गरीबी और दमन का सामना कर रहे हैं।
बलूच नेता ने अपने संबोधन में जनरल आसिम मुनीर पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। डॉ. तारा चंद का कहना है कि मुनीर एक ‘डबल एजेंट’ की भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार, मुनीर एक तरफ बलूचिस्तान के बेशकीमती संसाधन चीन को सौंप रहे हैं, और दूसरी ओर वे अमेरिका के सामने भी अपनी वफादारी का झूठा प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि वैश्विक मदद हासिल की जा सके। उन्होंने ट्रंप से अपील की कि वे इस दोहरी नीति को समझें और मुनीर के खिलाफ भी वैसी ही कठोर कार्रवाई करें जैसी मादुरो के खिलाफ की गई थी।
डॉ. तारा चंद ने पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को केवल बलूचिस्तान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक खतरा करार दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वेनेजुएला की सरकार ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के माध्यम से अस्थिरता फैला रही थी, ठीक उसी प्रकार पाकिस्तानी सेना कट्टरपंथ को खाद-पानी दे रही है। उन्होंने ओसामा बिन लादेन का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि सबसे बड़ा आतंकी पाकिस्तान की सैन्य छावनी के पास ही पाया गया था। बलूच नेता ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तानी सेना की तानाशाही समाप्त नहीं होती, तब तक इस क्षेत्र में स्थायी शांति संभव नहीं है।
लेख के अंत में डॉ. तारा चंद ने बलूचिस्तान में हो रही हिंसा और “टारगेट किलिंग” का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल मुनीर के नेतृत्व में सेना रोजाना निर्दोष बलूचों की हत्या कर रही है और उन्हें जबरन गायब किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जनरल आसिम मुनीर को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उनका मानना है कि ट्रंप के हस्तक्षेप से ही बलूचिस्तान के लोगों को अपनी जमीन और संसाधनों पर नियंत्रण का अधिकार मिल सकता है।
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