Baloda Bazar News: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिला मुख्यालय से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आई है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय परिसर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते धुएं का गुबार आसमान में छा गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत डीएसपी कार्यालय की पुरानी और जर्जर बिल्डिंग की ओर से हुई थी, लेकिन हवा के रुख और सूखे कचरे के कारण यह तेजी से फैलते हुए तहसील कार्यालय के मुख्य हिस्से तक पहुंच गई।
रिकॉर्ड रूम को बचाने की जद्दोजहद: कर्मचारियों ने दिखाई अदम्य तत्परता
जैसे ही आग लगने की खबर कार्यालय के भीतर फैली, वहां काम कर रहे कर्मचारियों और मौजूद आम जनता के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, प्रशासन ने धैर्य नहीं खोया और प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों, जमीनी रिकॉर्ड और फाइलों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रिकॉर्ड रूम से बंडल के बंडल बाहर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए। प्रशासन की इस सूझबूझ और तत्परता के कारण वर्षों पुराने और बेशकीमती रिकॉर्ड को खाक होने से बचा लिया गया, जो कि जिले के राजस्व विभाग के लिए एक बड़ी राहत की बात है।
दमकल विभाग की भारी मशक्कत: सीमेंट संयंत्रों से भी बुलाई गई मदद
आग की भयावहता को देखते हुए नगर पालिका और शासकीय दमकल विभाग की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंच गईं। लेकिन आग इतनी विकराल थी कि स्थानीय दमकल वाहन कम पड़ने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख जिला प्रशासन ने आनन-फानन में आसपास स्थित निजी सीमेंट संयंत्रों (अल्ट्राटेक, अंबुजा आदि) के फायर टेंडर्स को भी मदद के लिए मौके पर बुलाया। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर आग को घेरने की कोशिश की ताकि वह नए निर्मित कार्यालय खंड तक न पहुंच सके। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग की तीव्रता को कम करने में सफलता मिली।
प्रशासनिक बयान: एसडीएम ने दी सुरक्षित दस्तावेजों की जानकारी
घटनास्थल पर मौजूद उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) पीसी कोरी ने मीडिया से चर्चा करते हुए राहत की खबर दी। उन्होंने बताया कि आग तहसीलदार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम के बाहरी हिस्सों तक पहुंची थी, लेकिन समय रहते अधिकांश महत्वपूर्ण फाइलें सुरक्षित निकाल ली गई हैं। एसडीएम कोरी के अनुसार, प्रशासन की पहली प्राथमिकता सरकारी रिकॉर्ड को आग की भेंट चढ़ने से बचाना था, जिसमें टीम को काफी हद तक सफलता मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और कूलिंग की प्रक्रिया जारी है।
जांच के घेरे में आग लगने की वजह: शॉर्ट सर्किट या कुछ और?
फिलहाल प्रशासन और दमकल विभाग का पूरा ध्यान आग को पूरी तरह से बुझाने पर केंद्रित है। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक अनुमान के तौर पर पुरानी बिल्डिंग में शॉर्ट सर्किट को एक वजह माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया जाएगा, जो इस पूरी घटना की बारीकी से जांच करेगी और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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