Tarique Rahman : बांग्लादेश की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में इस वक्त बड़े बदलाव की लहर देखी जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद, बांग्लादेश सेना में एक अभूतपूर्व प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। रविवार को सेना मुख्यालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों ने रक्षा गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस फेरबदल में न केवल देश के भीतर महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियाँ हुई हैं, बल्कि विदेशी मिशनों में तैनात अधिकारियों पर भी इसका असर पड़ा है।

सेना मुख्यालय का नया आदेश और नेतृत्व में परिवर्तन
बांग्लादेशी समाचार आउटलेट प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार दोपहर को सेना मुख्यालय ने एक आधिकारिक निर्देश जारी किया। इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नाम लेफ्टिनेंट जनरल मैनुर रहमान का है, जिन्हें बांग्लादेश सेना का नया चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह ‘आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड’ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। CGS का पद सेना में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस नियुक्ति को सेना की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा फूंकने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
विदेशी मामलों में सैन्य अधिकारियों की भूमिका
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में, आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन के प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर, लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कमरुल हसन को विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) में स्थानांतरित कर दिया गया है। सूत्रों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें किसी प्रमुख देश में बांग्लादेश का राजदूत नियुक्त किए जाने की संभावना है। यह कदम संकेत देता है कि नई सरकार कूटनीतिक मोर्चों पर सैन्य अनुभव का लाभ उठाने की योजना बना रही है।
विभिन्न इन्फैंट्री डिवीजनों के कमांडरों में बदलाव
सेना की आंतरिक संरचना को मजबूत करने के लिए कई मेजर जनरलों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है:
मेजर जनरल मीर मुशफिकुर रहमान: इन्हें नया प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वे पहले 24वें इन्फैंट्री डिवीजन का नेतृत्व कर रहे थे।
मेजर जनरल जेएम इमदादुल इस्लाम: इन्हें 55वें इन्फैंट्री डिवीजन से हटाकर ‘ईस्ट बंगाल रेजिमेंटल सेंटर’ भेजा गया है।
मेजर जनरल फिरदौस हसन: इन्हें ईस्ट बंगाल रेजिमेंटल सेंटर से हटाकर अब 24वीं इन्फैंट्री डिवीजन की कमान सौंपी गई है।
दिल्ली स्थित बांग्लादेशी हाई कमीशन के अफसर की तरक्की
इस फेरबदल का एक दिलचस्प पहलू भारत से भी जुड़ा है। दिल्ली में बांग्लादेशी हाई कमीशन में लंबे समय से कार्यरत ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद हफीजुर रहमान को पदोन्नत (Promote) किया गया है। उन्हें अब मेजर जनरल का रैंक दिया गया है और साथ ही उन्हें 55वीं इन्फैंट्री डिवीजन का प्रभार सौंपा गया है। दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र में काम करने वाले अधिकारी की यह तरक्की दोनों देशों के बीच सैन्य कूटनीति के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
फेरबदल के पीछे का उद्देश्य: रूटीन या रणनीतिक?
हालांकि रक्षा मंत्रालय के कुछ अधिकारियों ने इसे एक ‘रूटीन ट्रांसफर’ करार दिया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे तारिक रहमान सरकार की अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद मान रहे हैं। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद इतने बड़े स्तर पर शीर्ष सैन्य अधिकारियों का फेरबदल होना यह दर्शाता है कि प्रशासन सुरक्षा ढांचे में अपने विश्वासपात्रों और सक्षम अधिकारियों को प्रमुख पदों पर देखना चाहता है।

















