Bangladesh Passport: ढाका से सामने आई एक बड़ी खबर के अनुसार, बांग्लादेश की सरकार ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा कूटनीतिक फैसला लेते हुए अपने देश के आधिकारिक पासपोर्ट पर इजरायल जाने पर फिर से पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। अब बांग्लादेशी पासपोर्ट में ‘Except Israel’ यानी ‘इजरायल को छोड़कर’ वाला पुराना वाक्य दोबारा से जोड़ दिया गया है। इस संबंध में बांग्लादेशी गृह मंत्रालय की ओर से एक आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि करीब 6 साल पहले बांग्लादेश ने अपने पासपोर्ट से इस वाक्य को हटा लिया था, जिसे अब तत्कालीन परिस्थितियों और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिर से बहाल कर दिया गया है।

गृह मंत्रालय ने आव्रजन विभाग को दिए निर्देश, नए पासपोर्ट पर दिखेगा बदलाव
बांग्लादेशी गृह मंत्रालय ने देश के आव्रजन और पासपोर्ट विभाग को इस नए बदलाव को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि अब आगे से जितने भी नए पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, उन सभी की बुकलेट पर ‘Except Israel’ साफ-साफ लिखा हुआ होगा। इसके अलावा, पासपोर्ट के डिजाइन और लेआउट में भी व्यापक फेरबदल किए गए हैं ताकि इसे देश की विदेश नीति और लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक रुख के पूरी तरह अनुकूल बनाया जा सके।

विदेश नीति और फिलीस्तीन के समर्थन में उठाया गया अहम कदम
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का इस बारे में कहना है कि यह कड़ा फैसला मुख्य रूप से पासपोर्ट को बांग्लादेश की आधिकारिक विदेश नीति, आम जनता की भावनाओं और फिलीस्तीन के संवेदनशील मुद्दे पर देश के पुराने व लंबे समय से चले आ रहे रुख के बिल्कुल अनुरूप ढालने के लिए लिया गया है। सरकारी आदेश के अनुसार, ई-पासपोर्ट बुकलेट में मौजूद अंदरूनी तस्वीरों और डिजाइन को पूरी तरह से फिर से व्यवस्थित किया गया है। इसके अलावा वॉटरमार्क को भी नए सिरे से डिजाइन किया गया है, जिसकी समीक्षा करने पर पता चलता है कि ई-पासपोर्ट के सुरक्षा फीचर्स और वॉटरमार्क में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
वॉटरमार्क में जुलाई 2024 के आंदोलनकारियों और धर्मों के प्रतीक शामिल
नए रूप में तैयार किए गए ई-पासपोर्ट के वॉटरमार्क में जुलाई 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन में शामिल रहे कुछ प्रमुख आंदोलनकारियों की तस्वीरें भी जोड़ी गई हैं। इन तस्वीरों में रंगपुर की बेगम रोकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सईद, मीर महफ़ूज़ुर रहमान मुग्धो और वसीम अकरम के चित्र विशेष रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही, ई-पासपोर्ट के डिजाइन में देश के सभी प्रमुख धर्मों का सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक व धार्मिक प्रतीकों को भी जगह दी गई है, जिससे यह सभी वर्गों के लिए समावेशी दिखाई दे सके।
अवामी लीग सरकार के समय हटाया गया था वाक्य, अब कट्टरपंथियों की मांग पूरी
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बांग्लादेश ने पिछली अवामी लीग सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2020 में लगभग 45 अरब टका की भारी-भरकम लागत से अपनी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट सेवा की शुरुआत की थी। उसी समय पासपोर्ट से ‘इजरायल को छोड़कर’ वाला वाक्यांश हटा दिया गया था। पहले बांग्लादेशी पासपोर्ट पर यह स्पष्ट रूप से अंकित होता था कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के बाकी सभी देशों की यात्रा के लिए पूरी तरह मान्य है। जब इसे हटाया गया था, तब देश के कट्टरपंथी समूहों और धार्मिक संगठनों द्वारा इसे दोबारा पासपोर्ट में शामिल करने की लगातार पुरजोर मांग की जा रही थी।
पासपोर्ट में मंदिर, मस्जिद और चर्च समेत कई खूबसूरत तस्वीरें शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री के निर्देश पर ई-पासपोर्ट में कई नई और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण तस्वीरें जोड़ी गई हैं, जिन्हें नए आधिकारिक आदेश के जरिए वॉटरमार्क डिजाइन का हिस्सा बना दिया गया है। नए ई-पासपोर्ट के वॉटरमार्क में राष्ट्रीय फूल वॉटर लिली, रॉयल बंगाल टाइगर, बांग्लादेश का सुप्रीम कोर्ट, दिनाजपुर का कांतनगर मंदिर, बंदरबन का गोल्डन टेम्पल, बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद, राजशाही के प्रसिद्ध आम के बाग, ऐतिहासिक साठ गुंबद वाली मस्जिद, चाय के बागान, सुंदरबन और होली रोजरी चर्च समेत एक दर्जन से अधिक विभिन्न और आकर्षक तस्वीरों को शामिल किया गया है।












