Banke Bihari Temple trust : श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट को मंजूरी, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

Banke Bihari Temple trust : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन “श्री बांके बिहारी मंदिर निर्माण अध्यादेश 2025” को मंजूरी मिल गई। इस अध्यादेश के अंतर्गत श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट के गठन का प्रावधान किया गया है, जो मंदिर के समुचित प्रबंधन, संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य करेगा।

ads

ट्रस्ट के अधिकार और जिम्मेदारियां

अध्यादेश के अनुसार, ट्रस्ट को मंदिर की चढ़ावे, दान, चल-अचल संपत्तियों, जैसे – मूर्तियां, आभूषण, हुंडी, चेक-बैंक ड्राफ्ट आदि पर अधिकार प्राप्त होगा। ट्रस्ट कुल 18 सदस्यों का होगा, जिनमें 11 मनोनीत और 7 पदेन सदस्य होंगे। मनोनीत सदस्यों में वैष्णव, सनातन और गोस्वामी परंपराओं के विशेषज्ञों के साथ-साथ प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे, जबकि पदेन सदस्यों में मथुरा के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जैसे अधिकारी शामिल होंगे।

ads

पुजारी और धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं

अध्यादेश में स्पष्ट किया गया है कि पूजा पद्धति, अनुष्ठान, और त्योहार स्वामी हरिदास की परंपरा के अनुसार ही संपन्न होंगे और सरकार का इन पर कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। पुजारियों की नियुक्ति, वेतन, दर्शन के समय और श्रद्धालुओं की सुरक्षा जैसे विषय ट्रस्ट के अंतर्गत आएंगे।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं

ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं को कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:

प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग रास्ता

पेयजल, विश्रामगृह, धर्मशाला, होटल

लाइन मैनेजमेंट और एग्जीबिशन रूम

गौशालाओं का संचालन भी ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।

वित्तीय पारदर्शिता और संसाधनों का बेहतर उपयोग

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता और संसाधनों के सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए है, न कि मंदिर की संपत्ति पर अधिकार जमाने के लिए। इसमें संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क), 19(1)(6), 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का पूरा ध्यान रखा गया है।

कोर्ट में चुनौती, वैधता पर सुनवाई जारी

गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर के वर्तमान सेवाधिकारियों ने इस अध्यादेश की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2025 को अध्यादेश पर सवाल उठाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अशोक कुमार की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो मंदिर प्रबंधन पर नजर रखेगी।

बांके बिहारी मंदिर के आधुनिकीकरण और प्रबंधन को लेकर यह अध्यादेश एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसके खिलाफ अदालत में कानूनी लड़ाई जारी है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हुई है।

Read More  : Hindu temple attack USA : अमेरिका में हिंदू मंदिर पर फिर खालिस्तानी हमला, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.