Bastar Leopard: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि बारसूर–चित्रकोट मार्ग पर देर रात एक विशाल तेंदुआ बीच सड़क पर बैठा नजर आया। इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। हालांकि, वन विभाग ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे विवाद की स्थिति बन गई है।
मंत्री केदार कश्यप के सोशल मीडिया पोस्ट से मची खलबली
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस वीडियो को साझा किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तेंदुआ सड़क के बीचों-बीच काफी शांत मुद्रा में बैठा है। सामने से आ रही एक गाड़ी की हेडलाइट उस पर सीधी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद तेंदुए के व्यवहार में कोई हलचल या डर नहीं दिख रहा है। गाड़ी में सवार लोगों ने इस दुर्लभ और डरावने दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया।
लाइट की चमक के बावजूद सड़क पर डटा रहा तेंदुआ
वीडियो के फुटेज से यह स्पष्ट होता है कि तेंदुआ काफी देर तक सड़क से नहीं हटा। आमतौर पर जंगली जानवर इंसानी आहट या गाड़ियों की तेज रोशनी देखकर जंगल की ओर भाग जाते हैं, लेकिन इस वीडियो में तेंदुआ निडर होकर सड़क पर बैठा रहा। इसी व्यवहार ने विशेषज्ञों और विभाग के बीच संदेह पैदा कर दिया है। वायरल होते ही यह वीडियो स्थानीय वाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक पर चर्चा का विषय बन गया, जिससे राहगीरों की धड़कनें तेज हो गईं।
वन विभाग का बड़ा बयान: वीडियो को बताया फर्जी
जैसे ही यह वीडियो वन विभाग के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने इसे फर्जी करार दिया। वन विभाग के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि बारसूर–चित्रकोट मार्ग और उसके आसपास के वन क्षेत्रों में फिलहाल किसी भी तेंदुए की सक्रियता की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग का कहना है कि यह वीडियो किसी अन्य स्थान का हो सकता है जिसे बस्तर का बताकर भ्रामक तरीके से फैलाया जा रहा है। अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में अनावश्यक डर पैदा करने की कोशिश बताया है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों में दहशत का माहौल
वन विभाग के खंडन के बावजूद, स्थानीय लोगों और पर्यटकों में डर कम नहीं हो रहा है। चित्रकोट जलप्रपात एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है और बारसूर मार्ग से रात के समय बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। वीडियो वायरल होने के बाद कई वाहन चालकों ने रात में इस मार्ग से गुजरने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों को डर है कि यदि यह तेंदुआ वास्तव में इसी क्षेत्र का है, तो यह मवेशियों और इंसानों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
वायरल वीडियो की होगी गहन तकनीकी जांच
वन विभाग ने अब इस वीडियो की गहराई से जांच करने का फैसला किया है। साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि यह वीडियो मूल रूप से कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं को साझा न करें। यदि किसी को वास्तव में कोई वन्यजीव दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी वन चौकी या पुलिस थाने को दी जानी चाहिए ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
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