Belgium PM Mumbai Visit: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुंबई पहुंचे। मुंबई एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र सरकार के विपणन एवं प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद बेल्जियम के प्रधानमंत्री बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित भारत डायमंड बोर्स पहुंचे, जहां उन्होंने हीरा उद्योग, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
भारत-बेल्जियम आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा
मुंबई दौरे के दौरान बार्ट डी वेवर ने भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की। बातचीत में विशेष रूप से हीरा कारोबार के साथ पोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति देने की संभावनाओं पर भी जोर रहा।
विदेश मंत्रालय ने बैठक को बताया महत्वपूर्ण
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि बेल्जियम के प्रधानमंत्री के मुंबई दौरे में विभिन्न उद्योगों के प्रमुख हितधारकों के साथ अहम बैठकें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और व्यापार तथा निवेश के नए रास्ते तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत को बताया दुनिया की प्रमुख डायमंड वर्कशॉप
भारत डायमंड बोर्स में अपने संबोधन के दौरान बार्ट डी वेवर ने भारतीय हीरा उद्योग की उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ दशकों में केवल कम लागत वाले डायमंड कटिंग सेंटर के रूप में नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया के हर दस में से नौ से अधिक हीरे भारत में काटे और तराशे जाते हैं।
हीरा प्रोसेसिंग के साथ बड़ा घरेलू बाजार भी
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ताकत केवल हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग तक सीमित नहीं है। देश में हीरे के आभूषणों के लिए एक बड़ा घरेलू बाजार भी मौजूद है। उन्होंने भारत को वैश्विक हीरा उद्योग की महत्वपूर्ण कार्यशाला बताते हुए कहा कि यहां उत्पादन क्षमता और उपभोक्ता बाजार दोनों मौजूद हैं।
एंटवर्प और भारत की ताकत एक-दूसरे की पूरक
बार्ट डी वेवर ने एंटवर्प की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एंटवर्प विशेष और उच्च गुणवत्ता वाले हीरों की कटिंग तथा व्यापार के लिए दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। उनके मुताबिक एंटवर्प की सबसे बड़ी ताकत उसका अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जहां वैश्विक हीरा बाजार के खरीदार और कारोबारी एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने भारत और एंटवर्प की क्षमताओं को एक-दूसरे का पूरक बताया।
नए एचआरटी कार्यालय से व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत और एंटवर्प के बीच हीरा व्यापार को मजबूत करने के उद्देश्य से नए एचआरटी कार्यालय के उद्घाटन को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक संबंधों को संस्थागत स्तर पर और मजबूत करने में मदद कर सकती है।
आयात शुल्क में कमी को बताया बड़ी उपलब्धि
बार्ट डी वेवर ने भारत-बेल्जियम व्यापार वार्ता का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों को इस मुकाम तक पहुंचने में लंबा समय लगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न उत्पादों पर आयात शुल्क को लेकर सहमति बनी है और कई मामलों में शुल्क को काफी कम किया गया है। इसमें पॉलिश किए गए हीरे भी शामिल हैं। उन्होंने व्यापार में निश्चितता और स्थिरता को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
शुल्क पूरी तरह खत्म करने की बेल्जियम की इच्छा
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि शुल्क को कम करना और उसे पूरी तरह समाप्त करना अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने भविष्य में शुल्क को पूरी तरह खत्म करने की इच्छा जताई। उनका कहना था कि भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार को अधिक आसान और सुचारु बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हीरे के अलावा अन्य उत्पादों और क्षेत्रों में भी सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
भारत-बेल्जियम व्यापार विस्तार की नई उम्मीद
बार्ट डी वेवर ने कहा कि बेल्जियम और एंटवर्प अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुले रहेंगे। खासकर हीरा कारोबार और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। मुंबई में हुई बैठकों को भारत-बेल्जियम आर्थिक साझेदारी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हीरा उद्योग, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सहयोग में बढ़ती साझेदारी दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती दे सकती है।
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