West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राज्य का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता हुमायूं कबीर ने एक ऐसा बड़ा चुनावी दांव खेला है जिसने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कबीर ने घोषणा की है कि यदि उनकी शक्ति बढ़ती है, तो बंगाल की महिलाओं को ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी और भाजपा दोनों पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अब बंगाल में बदलाव का समय आ गया है।
हुमायूं कबीर ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने महिलाओं के लिए जो किया है, वह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने बंगाल के विकास के लिए कुछ खास नहीं किया। हम राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएंगे और उन्हें हर महीने 3000 रुपये की वित्तीय सहायता देंगे।” कबीर का यह बयान तृणमूल के सबसे मजबूत ‘महिला वोट बैंक’ में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। उनका तर्क है कि मौजूदा योजना केवल चुनावी छलावा है, जबकि वह वास्तविक मदद का रोडमैप लेकर आए हैं।
बंगाल की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है। हुमायूं कबीर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 2.82 करोड़ मुस्लिम वोट हैं, जो किसी भी दल की किस्मत बदलने की ताकत रखते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह विशाल जनसमूह अब केवल टीएमसी का बंधुआ मजदूर बनकर नहीं रहेगा। कबीर का मानना है कि यदि अल्पसंख्यक समुदाय एकजुट होकर वोट करता है, तो वह न केवल ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर सकता है, बल्कि भाजपा के बढ़ते कदमों को भी रोक सकता है।
हुमायूं कबीर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी भविष्यवाणियां भी साझा कीं। उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा, “मैं भाजपा को बंगाल में 100 सीटों का आंकड़ा पार नहीं करने दूंगा। वहीं, टीएमसी की स्थिति और भी खराब होगी, वे 50 सीटों के अंदर ही सिमट जाएंगे।” उन्होंने दोनों पार्टियों को हराने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब एक तीसरे विकल्प की तलाश में है। कबीर ने यह भी ऐलान किया कि वह सीधे अभिषेक बनर्जी को चुनौती देंगे और जहाँ-जहाँ अभिषेक रैली करेंगे, वह भी ठीक उसी स्थान पर जनसभा कर पलटवार करेंगे।
राज्य के राजनीतिक समीकरणों को बदलने के लिए हुमायूं कबीर अब बड़े चेहरों के साथ गठबंधन की तैयारी में हैं। उन्होंने खुलासा किया कि ईद के बाद वह एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल रैली करेंगे। कबीर ने यह भी कहा कि ओवैसी और अन्य समान विचारधारा वाले दलों के लिए आईएसएफ (ISF) के दरवाजे खुले हैं। यदि ओवैसी, आईएसएफ और हुमायूं कबीर का गुट एक साथ आता है, तो यह बंगाल के त्रिकोणीय मुकाबले को और भी दिलचस्प बना देगा।
हुमायूं कबीर ने केंद्र सरकार के नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बंगाल आकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और कई वादे करते हैं, लेकिन उनकी बातों में अब कोई दम नहीं रहा। कबीर ने कहा, “मैं वैसी खोखली बातें नहीं करूँगा जो दिल्ली से आने वाले नेता करते हैं। हमारा उद्देश्य बंगाल की माटी से जुड़ा हुआ है।” उन्होंने साफ़ किया कि उनकी लड़ाई केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जिन्होंने बंगाल की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया है।
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