Bhilai GST Raid: दुर्ग जिले के भिलाई में स्टेट GST विभाग ने सोमवार को हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी यानी HTC से जुड़े कई ठिकानों पर जांच शुरू की। यह कार्रवाई कंपनी के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह छोटू से जुड़े परिसरों में की गई। GST अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने कंपनी के कार्यालय और गोदाम पहुंचकर कारोबारी दस्तावेजों, GST रिकॉर्ड और लेन-देन से संबंधित कागजातों की जांच शुरू की। इसी दौरान विभाग की एक टीम बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी पहुंची।
दोपहर में कई स्थानों पर पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार, स्टेट GST विभाग की टीम सोमवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच भिलाई स्थित कंपनी के परिसरों में पहुंची। अधिकारियों के पहुंचते ही जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कार्रवाई के दौरान 24 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल करते नजर आए। टीमों ने कंपनी के विभिन्न कारोबारी लेन-देन से जुड़े कागजातों को अपने जांच दायरे में लिया।
GST रिकॉर्ड और कारोबारी दस्तावेजों की जांच
जांच के दौरान GST अधिकारियों ने कंपनी के कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले। इसमें GST से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन का ब्यौरा, कारोबारी गतिविधियों के रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि कंपनी की ओर से दर्ज की गई कारोबारी जानकारी और GST से संबंधित रिकॉर्ड में किसी तरह का अंतर तो नहीं है।
1500 से ज्यादा ट्रकों का बड़ा नेटवर्क
हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी का कारोबार बड़े स्तर पर फैला हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कंपनी के पास 1500 से अधिक ट्रक हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के संचालन को देखते हुए GST विभाग की जांच कंपनी के वाहन संचालन और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड पर भी केंद्रित हो सकती है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि वाहनों से संबंधित कारोबार और GST रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी नियमों के अनुरूप है या नहीं।
बलौदाबाजार यार्ड में भी पहुंची टीम
भिलाई के अलावा स्टेट GST की एक अलग टीम बलौदाबाजार स्थित HTC के यार्ड में भी जांच के लिए पहुंची। यहां कंपनी के वाहनों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। एक ही समय में कंपनी के अलग-अलग परिसरों पर जांच होने से माना जा रहा है कि विभाग विभिन्न स्थानों से मिले रिकॉर्ड का आपस में मिलान कर रहा है।
अलग-अलग रिकॉर्ड का किया जा रहा मिलान
GST विभाग की कार्रवाई के दौरान कंपनी के कार्यालय, गोदाम और यार्ड से संबंधित दस्तावेजों को जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों की टीम यह देखने में जुटी है कि अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध कारोबारी रिकॉर्ड में आपसी समानता है या नहीं। साथ ही कंपनी के GST से जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक कारोबारी गतिविधियों के बीच किसी तरह का अंतर होने की स्थिति में उसकी भी जांच की जा सकती है।
कार्रवाई की वजह अभी स्पष्ट नहीं
हालांकि, स्टेट GST विभाग की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि HTC से जुड़े ठिकानों पर यह कार्रवाई किस शिकायत, जांच या कथित अनियमितता के आधार पर की गई है। विभाग ने फिलहाल कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में जांच पूरी होने तक कार्रवाई की वास्तविक वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अधिकारियों की जांच अभी जारी
फिलहाल GST विभाग की टीमें कंपनी के अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। अधिकारी वित्तीय लेन-देन, GST से जुड़े रिकॉर्ड और वाहनों के संचालन से संबंधित जानकारी का परीक्षण कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया जाएगा कि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी या अनियमितता मिली है या नहीं।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
स्टेट GST की इस कार्रवाई को कंपनी के बड़े कारोबारी नेटवर्क को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से किसी तरह की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल यह कार्रवाई जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों की रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
Read More : Canada Tariff War: ट्रंप की धमकी पर कार्नी का पलटवार, कनाडा आज करेगा जवाबी टैरिफ का ऐलान