Bhilai Suicide :
Bhilai Suicide Case : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले भिलाई शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्मृति नगर चौकी क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में शनिवार, 28 मार्च 2026 को 42 वर्षीय पेंटर मोहन रामटेक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली। मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।
मृतक मोहन रामटेक ने अपने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार दो मुख्य व्यक्तियों को ठहराया है—राजू पाल और सोनिया गोस्वामी। नोट में मोहन ने गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है कि राजू पाल खुद को कांग्रेस का नेता बताता है और सोनिया के साथ मिलकर सट्टे का अवैध कारोबार चलाता है। मृतक के अनुसार, ये दोनों उसे पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि उसे एक लाख रुपये देने के लिए मजबूर किया जा रहा था और पैसे न देने पर पुलिस के जरिए जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही थी।
घटना के पीछे की कहानी बेहद दुखद है। मोहन की मां का भिलाई के एक अस्पताल में ऑपरेशन होना था, जिसके कारण पूरा परिवार अस्पताल में मौजूद था और घर पर मोहन अकेला था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मोहन ने मदद की उम्मीद में कथित कांग्रेस नेता राजू पाल से संपर्क किया था। मोहन ने नोट में बताया कि राजू ने उसे मदद के नाम पर सट्टा खेलने के लिए उकसाया और सोनिया गोस्वामी का नंबर दिया। इसके बाद उसे कर्ज के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया जाने लगा। जब मोहन ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो उसे डराया गया कि पुलिस उनकी “जेब में” है।
शनिवार की सुबह जब मोहन की पत्नी अस्पताल से घर लौटी, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों और मकान मालिक की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहाँ अंदर मोहन का निर्जीव शरीर पड़ा था। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी सिटी सुखनंदन राठौर और सीएसपी भिलाई नगर ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और लिखावट की जांच के लिए भेजा है। मृतक ने अपने नोट में पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती की है कि किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
मोहन ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में पुलिसकर्मियों के लिए एक भावनात्मक अपील छोड़ी है। उसने लिखा कि पुलिस को फैसला लेने से पहले अपने परिवार के बारे में सोचना चाहिए कि अगर ऐसी घटना उनके साथ हो तो क्या बीतेगी। उसने स्पष्ट किया कि राजू पाल जैसे लोग आम आदमी को अपने झांसे में फंसाकर उनका शोषण करते हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शरीर पर मिले चोट के निशान संघर्ष के हैं या खुदकुशी से पहले के किसी हमले के शिकार हैं।
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