Bhilwara Acid Incident : राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के अलोली गाँव में एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब सफाई कार्य के लिए बुलाए गए पांच मजदूरों ने गलती से एसिड (तेजाब) का सेवन कर लिया। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार देर रात का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों ने एसिड की बोतल को शराब समझ लिया था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और समारोह स्थल पर खुशियों का माहौल गमगीन हो गया।

गलतफहमी बनी जान की दुश्मन
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी पीड़ित मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते थे और उन्हें कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समारोह स्थल पर सफाई के उद्देश्य से एसिड की कुछ बोतलें रखी हुई थीं। रात के समय अंधेरे या असावधानी के चलते मजदूरों को लगा कि उन बोतलों में शराब है। उन्होंने बिना सोचे-समझे उसका सेवन कर लिया। एसिड पीने के महज कुछ ही मिनटों बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी और वे दर्द से तड़पने लगे। मौके पर मौजूद लोग तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक जहर शरीर में फैल चुका था।
मृतकों की शिनाख्त और अस्पताल का मंजर
इस भयावह हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस द्वारा दी गई सूची के अनुसार, मृतकों की पहचान बादामी (60) पत्नी जानकी लाल, जमनी (60) पत्नी शंकर कंजर, रतन (42) पुत्र मिश्री लाल कंजर और उसकी पत्नी सुशीला (40) के रूप में हुई है। गंगापुर के स्थानीय अस्पताल पहुँचने पर तीन लोगों ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो अन्य मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत भीलवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान एक और मजदूर ने प्राण त्याग दिए।
एक मजदूर की हालत अब भी नाजुक
हादसे का शिकार हुए पांचवें व्यक्ति, 22 वर्षीय सनू पुत्र पप्पू लाल कंजर की हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। वह फिलहाल भीलवाड़ा के अस्पताल में विशेषज्ञों की देखरेख में है और जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि एसिड के आंतरिक अंगों पर गहरे प्रभाव के कारण रिकवरी में काफी चुनौतियां आ रही हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
समारोह स्थल पर प्रशासनिक जांच और हड़कंप
हादसे के बाद शादी वाले घर और पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एसिड को असुरक्षित तरीके से रखना इस बड़ी लापरवाही का मुख्य कारण हो सकता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर जहरीले पदार्थ को खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों के पास क्यों रखा गया था। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने लिए हैं। यह घटना एक कड़वा सबक है कि समारोहों में रसायनों और सफाई के सामानों के भंडारण में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए।
मजदूर परिवारों में शोक की लहर
मृतक मजदूर आपस में रिश्तेदार और एक ही समुदाय के बताए जा रहे हैं। एक साथ चार मौतों की खबर से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि वे सभी दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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