Banke Bihari temple news: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन में अब बड़े बदलाव आने जा रहे हैं। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने शुक्रवार को कई अहम फैसलों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता लाना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्रदान करना है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित इस समिति ने गुरुवार शाम बैठक कर मंदिर के दर्शन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। समिति ने तत्काल प्रभाव से वीआईपी पास बंद करने, दर्शन के लिए सीधा प्रसारण शुरू करने, और मंदिर के लंबे समय से बंद पड़े कमरे खोलने की योजना भी बनाई है।

वीआईपी पास व्यवस्था बंद, पारदर्शिता पर जोर
जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अब मंदिर में दर्शन के लिए वीआईपी पास पर्ची काटने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। साथ ही वीआईपी कटघरा भी हटा दिया जाएगा। अब प्रत्येक श्रद्धालु को समान रूप से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना होगा, जिससे मंदिर प्रशासन पर भेदभाव का कोई आरोप नहीं लगेगा और दर्शनार्थियों के बीच होने वाली भीड़-भाड़ और धक्का-मुक्की में कमी आएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था भी अब पहले से अधिक सुदृढ़ की जाएगी। समिति ने फैसला किया है कि अब सुरक्षा का जिम्मा पुलिस या निजी गार्डों के बजाय पूर्व सैनिकों या प्रोफेशनल सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अगले तीन दिनों के अंदर मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों का निर्धारण करेंगे ताकि सुरक्षा और भी बेहतर हो सके।
दर्शन के समय में वृद्धि और ऑनलाइन दर्शन की सुविधा
समिति ने मंदिर खुलने के समय में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। गर्मियों में मंदिर दर्शनार्थियों के लिए तीन घंटे अधिक और सर्दियों में पौने तीन घंटे ज्यादा खुला रहेगा। इसके साथ ही समिति जल्द ही मंदिर के दर्शन के लिए ऑनलाइन लाइव प्रसारण शुरू करेगी, जिससे दुनियाभर के श्रद्धालु घर बैठे ही ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे।
संरचनात्मक ऑडिट और संपत्ति का पता लगाने की योजना
मंदिर के भवन की मजबूती और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी रुड़की से संरचनात्मक ऑडिट कराया जाएगा। इसके अलावा मंदिर की कुल चल-अचल संपत्ति का भी पता लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
विशेष ऑडिट और बंद कमरे खोलने का निर्णय
समिति ने वर्ष 2013 से 2016 के बीच हुई अनियमितताओं की जांच के लिए भी एक विशेष ऑडिट कराने का आदेश दिया है। इस ऑडिट की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
सबसे अहम फैसला मंदिर के गर्भगृह में वर्षों से बंद पड़े कमरे खोलने का है। इन कमरों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि उसमें रखी वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। इसके अलावा मंदिर के खजाने का भी ऑडिट कराया जाएगा। श्री बांके बिहारी मंदिर में ये कदम न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम हैं, बल्कि श्रद्धालुओं को पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधा भी प्रदान करेंगे। मंदिर प्रबंधन के इन फैसलों से मथुरा में भक्तों की संख्या और मंदिर की गरिमा दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।










