@TheTarget365 : बिहार विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है, लेकिन यहां राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। राजनीतिक रैलियों का दौर भी शुरू हो गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य में चुनाव की तारीख कब घोषित होगी और चुनाव कितने चरणों में होंगे। इस बीच बड़ी खबर आ रही है कि चुनाव में दिवाली और छठ पर्व को भी खास तवज्जो दी जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव दो से तीन चरणों में हो सकते हैं। इसके अलावा दिवाली और छठ त्योहारों को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तारीख तय की जाएगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
तारीख की घोषणा से पहले बिहार दौरा
पिछला विधानसभा चुनाव (2020) 3 चरणों में हुआ था, जबकि 2015 में 5 चरणों में चुनाव हुए थे। अब चुनाव आयोग ने बिहार में चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। तारीख की घोषणा से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसी महीने बिहार का दौरा करने वाले हैं।
चुनाव की तारीख की घोषणा से पहले चुनाव आयोग अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है और राजनीतिक दलों को भी जागरूक कर रहा है। आयोग अपने कर्मचारियों को सूचित कर रहा है कि जब आयोग उन्हें मतदाता सूची भेजेगा, तो यदि उन्हें किसी नाम के शामिल होने या बाहर होने का संदेह होगा, तो उन्हें शिकायत और अपील दायर करने का अवसर मिलेगा, जिसका उन्हें उपयोग करना चाहिए ताकि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले उनकी शिकायतों और अपीलों पर विचार किया जा सके।
सत्यापन की जिम्मेदारी बीएलओ को दी जा रही है
आयोग यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कुछ महीने पहले महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूचियों को लेकर जिस तरह की शिकायतें की गई थीं, वैसी शिकायतें बिहार चुनाव में न हों। इसीलिए बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को भी प्रशिक्षित किया गया है। सभी बीएलओ को पहचान पत्र भी दिए जाएंगे ताकि वे घर-घर जाकर सत्यापन कर सकें।बिहार में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि 18 वर्ष के युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।
साथ ही, चुनाव आयोग ने अब ECINET नामक एकीकृत डैशबोर्ड शुरू करने का निर्णय लिया है, जो सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा, जबकि पहले इन सबके लिए 40 ऐप और वेबसाइट का उपयोग करना पड़ता था। माना जा रहा है कि बिहार चुनाव के दौरान इसका पूरा उपयोग होगा। विपक्ष की शिकायतों के बाद आयोग ने कई कदम उठाए हैं। अब कोई डुप्लिकेट EPIC नंबर नहीं होगा, उन्हें समाप्त कर दिया गया है।
मतदान केन्द्रों पर मतदाता सूचियां छोटी होंगी
साथ ही, मृत्यु के आंकड़ों को भारत के महापंजीयक से जोड़ दिया गया है ताकि मृतक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। आयोग बिहार में चुनाव के दौरान मतदाताओं को कई नई सुविधाएं देने की योजना पर काम कर रहा है।
अब एक मतदान केन्द्र पर अधिकतम 1,500 के स्थान पर 1,200 वोट होंगे। इसके अतिरिक्त, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदाता को वोट डालने के लिए 2 किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। नई व्यवस्था के तहत अब मतदान केंद्र ऊंची इमारतों में भी बनाए जाएंगे। मतदान केन्द्र के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा होगी।
सूत्रों के अनुसार, मतदाता पर्ची पर क्रमांक और भाग संख्या स्पष्ट और बड़े अक्षरों में लिखी जाएगी ताकि उसे ढूंढना आसान हो। चुनाव आयोग भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। एआई और डीप फेक से संबंधित मुद्दों पर निगरानी के लिए चुनाव आयोग में जल्द ही एक सेल का गठन किया जाएगा। चुनाव आयोग ने इस संबंध में राजनीतिक दलों को पहले ही एक परामर्श जारी किया है कि वे एआई का उपयोग करके बनाई गई अपनी प्रचार सामग्री में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि यह एआई का उपयोग करके बनाई गई है ताकि मतदाताओं को इसकी जानकारी हो।
Ambikapur News : शहर के राम मंदिर रोड स्थित बहुचर्चित मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक गोदाम…
Govt Jobs 2026 : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने सरकारी नौकरी का सपना देख रहे…
Sandalwood Farming : अगर आप भी खेती को आज के दौर में कम कमाई वाला…
Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन…
Swiss Air Delhi Airport Fire : देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई…
Anemia and Dementia Link : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण…
This website uses cookies.